Edited By ,Updated: 26 Mar, 2025 05:07 AM

एक अध्ययन के अनुसार 1990 की तुलना में 2021 से विश्व भर में लोग औसतन 6.2 वर्ष अधिक आयु तक जीवित रह रहे हैं। इसी क्रम में भारत में पिछले 3 दशकों में लोगों की आयु 8 वर्ष तक बढ़ गई है जिससे मृत्यु दर में कमी आई है।
विश्व प्रसिद्ध चिकित्सा पत्रिका ‘द...
एक अध्ययन के अनुसार 1990 की तुलना में 2021 से विश्व भर में लोग औसतन 6.2 वर्ष अधिक आयु तक जीवित रह रहे हैं। इसी क्रम में भारत में पिछले 3 दशकों में लोगों की आयु 8 वर्ष तक बढ़ गई है जिससे मृत्यु दर में कमी आई है। विश्व प्रसिद्ध चिकित्सा पत्रिका ‘द लैंसेट’ में प्रकाशित उक्त रिपोर्ट में बताया गया है कि इसका मुख्य कारण विभिन्न बीमारियों, स्ट्रोक, सांस के संक्रमण और कैंसर जैसी बीमारी में कमी आना है।
जहां विशेषज्ञों द्वारा लोगों की आयु में वृद्धि के लाभ विश्व के उन देशों में भी पहुंचाने के लिए कहा जा रहा है जहां ये लाभ नहीं पहुंचे हैं, वहीं केरल के सांस्कृतिक मामलों और मत्स्य पालन मंत्री ‘साजी चेरियन’ ने एक अजीब बयान में परोक्ष रूप से इसकी आलोचना की है। 23 मार्च को उन्होंने कहा कि ‘‘राज्य में मृत्यु दर में गिरावट से सरकार की पैंशन देनदारी बढ़ रही है।’’ उन्होंने कहा,‘‘केरल में लाखों लोग पैंशन पा रहे हैं। केरल स्वास्थ्य सेवा में नम्बर एक है और यह भी एक समस्या है। कई लोग 95 साल या यहां तक कि 100 साल तक जीवित रहते हैं।’’
केरल के मंत्री के उक्त बयान को सही नहीं कहा जा सकता। आज तो आवश्यकता इस बात की है कि सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमैंट आयु में अन्य विकसित देशों की तरह वृद्धि की जाए ताकि देश और राज्य को अनुभवी कर्मचारियों की सेवाओं का लाभ अधिक समय तक प्राप्त हो सके।—विजय कुमार