Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 Mar, 2025 11:55 AM

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2025 पेश करते हुए कहा कि खाद्य महंगाई में गिरावट दर्ज की जा रही है। सर्दियों में सब्जियों की कीमतों में आई नरमी और दालों की कीमतों में लगातार गिरावट इसके प्रमुख कारण हैं। मंत्रालय के अनुसार,...
बिजनेस डेस्कः वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में वित्त विधेयक 2025 पेश करते हुए कहा कि खाद्य महंगाई में गिरावट दर्ज की जा रही है। सर्दियों में सब्जियों की कीमतों में आई नरमी और दालों की कीमतों में लगातार गिरावट इसके प्रमुख कारण हैं। मंत्रालय के अनुसार, फरवरी 2025 में अनाज की महंगाई दर घटकर 6.1% तक आ सकती है।
वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता, निवेश प्रभावित
वित्त मंत्रालय ने टैरिफ से जुड़े वैश्विक घटनाक्रमों को लेकर चिंता जताई है, जिससे भारत समेत कई देशों के लिए व्यापार जोखिम बढ़ गए हैं। इसके चलते वैश्विक स्तर पर निवेश और व्यापार प्रवाह प्रभावित हो रहा है। वित्त वर्ष 2025 में अब तक भारत के निर्यात की गति सुस्त रही है।
खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट, दालों के दाम घटे
वित्त मंत्री के अनुसार, 32 महीनों में पहली बार दालों की महंगाई दर नकारात्मक क्षेत्र में पहुंच गई है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 में टमाटर का औसत खुदरा मूल्य 21.3 रुपए/किग्रा, प्याज 35.9 रुपए/किग्रा और आलू 24.1 रुपए/किग्रा रहने का अनुमान है। हालांकि, खाद्य तेलों की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे निकट भविष्य में जोखिम बना रह सकता है।
खरीफ और रबी फसलों का रिकॉर्ड उत्पादन अनुमान
अनाज उत्पादन में सुधार के संकेत हैं:
- खरीफ चावल उत्पादन – 6.6% की बढ़ोतरी का अनुमान
- गेहूं उत्पादन – रिकॉर्ड 1154.3 लाख टन, 1.9% वृद्धि
- दालों में उत्पादन वृद्धि – अरहर (2.8%) और चना (4.5%) बढ़ने की उम्मीद
- खरीफ तिलहन – 14.4% की बढ़ोतरी का अनुमान
खाद्य महंगाई में नरमी के कारण फरवरी 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 3.6% रह गई। हालांकि, खाद्य तेलों की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय बनी हुई हैं।