Edited By jyoti choudhary,Updated: 26 Mar, 2025 10:56 AM

नई वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग, टैक्स और डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े कई नियम बदलने वाले हैं। ये बदलाव एटीएम से पैसे निकालने, यूपीआई ट्रांजैक्शन, बचत खाते, क्रेडिट कार्ड, टैक्स नियमों और डीमैट अकाउंट से जुड़े हैं, जिनका सीधा असर...
बिजनेस डेस्कः नई वित्तीय वर्ष 2025-26 की शुरुआत के साथ ही बैंकिंग, टैक्स और डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े कई नियम बदलने वाले हैं। ये बदलाव एटीएम से पैसे निकालने, यूपीआई ट्रांजैक्शन, बचत खाते, क्रेडिट कार्ड, टैक्स नियमों और डीमैट अकाउंट से जुड़े हैं, जिनका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
1. ATM से पैसे निकालना होगा महंगा
RBI के नए नियमों के तहत अब दूसरे बैंकों के ATM से महीने में सिर्फ तीन बार ही मुफ्त में पैसे निकाले जा सकेंगे। इसके बाद हर ट्रांजैक्शन पर ₹20-₹25 तक शुल्क लगेगा।
2. बचत खाते में मिनिमम बैलेंस अनिवार्य
अगर बचत खाते में न्यूनतम बैलेंस नहीं रखा गया तो बैंक जुर्माना वसूल सकता है। अलग-अलग बैंकों के लिए यह सीमा अलग होगी, इसलिए ग्राहकों को अपने बैंक की नई नीतियों की जानकारी लेनी चाहिए।
3. चेक पेमेंट के लिए लागू होगा पॉजिटिव पे सिस्टम (PPS)
₹50,000 से अधिक के चेक जारी करने पर ग्राहकों को बैंक को पहले से जानकारी देनी होगी। यह सिस्टम चेक धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किया गया है।
4. डिजिटल बैंकिंग में AI का बढ़ेगा उपयोग
बैंक अब AI पावर्ड चैटबॉट, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के जरिए सुरक्षा बढ़ाएंगे और ग्राहकों को बेहतर डिजिटल बैंकिंग सेवाएं मिलेंगी।
5. क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड्स और फायदे होंगे कम
SBI और IDFC First Bank समेत कई बैंकों ने क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड्स और अन्य लाभों में कटौती की है। Swiggy और विस्तारा क्लब जैसी सेवाओं पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स कम हो जाएंगे।
6. निष्क्रिय UPI खाते होंगे बंद
अगर आपका UPI अकाउंट लंबे समय से सक्रिय नहीं है, तो बैंक उसे अपने रिकॉर्ड से हटा देगा। इससे आपके यूपीआई ट्रांजैक्शन प्रभावित हो सकते हैं।
7. नए टैक्स नियम होंगे लागू
अगर टैक्स भरते समय आप पुरानी कर व्यवस्था (80C छूट) को नहीं चुनते हैं, तो आपको नया टैक्स सिस्टम ही लागू होगा। इसलिए, सही विकल्प पहले से तय कर लें।
8. PAN-Aadhaar लिंक नहीं तो नहीं मिलेगा डिविडेंड
यदि PAN और Aadhaar लिंक नहीं हैं, तो डिविडेंड और कैपिटल गेन पर TDS ज्यादा कटेगा और रिफंड में देरी होगी।
9. डीमैट और म्यूचुअल फंड KYC अनिवार्य
SEBI के नए नियमों के तहत सभी निवेशकों को अपने KYC और नॉमिनी विवरण को अपडेट करना होगा, वरना उनका डीमैट अकाउंट फ्रीज हो सकता है।