भारतीय शेयर बाजार में ऐतिहासिक गिरावट, फरवरी बना सबसे बुरा महीना, 2,509 शेयर टूटे, जानें विशेषज्ञों की राय

Edited By jyoti choudhary,Updated: 27 Feb, 2025 10:33 AM

historic fall in indian stock market february became the worst month

फरवरी 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए अब तक का सबसे खराब महीना बनने की ओर बढ़ रहा है। इस महीने अब तक 2,509 शेयरों की कीमतें गिर चुकी हैं, जो जनवरी 2025 के पिछले रिकॉर्ड (2,354) को भी पार कर चुका है। बाजार में अस्थिरता का माहौल है, और निवेशक इस गिरावट...

बिजनेस डेस्कः फरवरी 2025 भारतीय शेयर बाजार के लिए अब तक का सबसे खराब महीना बनने की ओर बढ़ रहा है। इस महीने अब तक 2,509 शेयरों की कीमतें गिर चुकी हैं, जो जनवरी 2025 के पिछले रिकॉर्ड (2,354) को भी पार कर चुका है। बाजार में अस्थिरता का माहौल है, और निवेशक इस गिरावट के जल्द थमने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

एडवांस-डिक्लाइन रेशियो (ADR) में भारी गिरावट

बाजार की स्थिति को दर्शाने वाला एडवांस-डिक्लाइन रेशियो (ADR) 0.77 के स्तर पर आ गया है, जो मार्च 2020 के कोविड संकट के समय (0.72) के करीब है। पिछले तीन महीनों से यह लगातार 1 से नीचे बना हुआ है, जो बताता है कि गिरावट वाली कंपनियों की संख्या चढ़ने वालों से कहीं ज्यादा है। 

विशेषज्ञों के अनुसार, इस महीने गिरने वाले शेयरों की संख्या पिछले दो वर्षों के औसत (2,043) से 23% अधिक है, जिससे साफ है कि बाजार को स्थिरता देने के लिए ठोस सुधार की जरूरत है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी चिंता का कारण

भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी की एक प्रमुख वजह विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली है। 2025 की शुरुआत से ही उन्होंने भारतीय बाजार से 1.1 ट्रिलियन रुपए निकाल लिए हैं, जिससे बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 45.5 ट्रिलियन रुपए घटकर 396.5 ट्रिलियन रुपए रह गया है।

विदेशी निवेशकों का झुकाव अब चीन की ओर बढ़ रहा है, जहां बाजार की वैल्यूएशन तुलनात्मक रूप से सस्ती है। इसके अलावा, कमजोर कॉर्पोरेट नतीजों और वैश्विक व्यापार अनिश्चितता ने भी भारतीय बाजार पर दबाव बढ़ाया है।

छोटे और मिडकैप स्टॉक्स अब भी महंगे

हालांकि बाजार में गिरावट जारी है, लेकिन विश्लेषकों के अनुसार, छोटे और मिडकैप स्टॉक्स अब भी अधिक मूल्यांकन पर ट्रेड कर रहे हैं। कोटक सिक्योरिटीज के सीईओ प्रतीक गुप्ता के अनुसार, "इन स्टॉक्स में हाल की गिरावट के बावजूद, वे हमें अभी भी सस्ते नहीं लग रहे। निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए।"

क्या मार्च के बाद आएगा सुधार?

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक व्यापार विवाद शांत नहीं होते और अमेरिकी डॉलर कमजोर नहीं होता, तब तक बाजार पर दबाव बना रहेगा। हालाँकि, भारत में निजी निवेश बढ़ने और घरेलू कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन से बाजार को समर्थन मिल सकता है।

इक्विनॉमिक्स के संस्थापक चोक्कालिंगम जी के अनुसार, "मार्च के अंत तक बिकवाली जारी रह सकती है, क्योंकि कई निवेशक अपना कैपिटल गेन टैक्स बचाने के लिए घाटे वाले शेयर बेचते हैं।" निवेशकों को अभी सतर्कता बरतने और दीर्घकालिक रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है, क्योंकि बाजार की दिशा अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 

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