Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Feb, 2025 12:04 PM
अब तक भारत खिलौना निर्यात के लिए ज्यादा नहीं जाना जाता था लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह ट्रेंड बदलता नजर आ रहा है। 'चाइना प्लस वन' नीति के तहत, वैश्विक रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट (Walmart Inc) और टारगेट कॉरपोरेशन (Target Corporation) पहली बार भारतीय...
बिजनेस डेस्कः अब तक भारत खिलौना निर्यात के लिए ज्यादा नहीं जाना जाता था लेकिन वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह ट्रेंड बदलता नजर आ रहा है। 'चाइना प्लस वन' नीति के तहत, वैश्विक रिटेल दिग्गज वॉलमार्ट (Walmart Inc) और टारगेट कॉरपोरेशन (Target Corporation) पहली बार भारतीय खिलौना ब्रांडों से सीधी सोर्सिंग कर रहे हैं।
उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वॉलमार्ट ने 2027 तक भारत से सोर्सिंग को तीन गुना बढ़ाकर 10 अरब डॉलर तक ले जाने की योजना बनाई है और खिलौनों का डायवर्सिफिकेशन इसी रणनीति का एक हिस्सा माना जा रहा है।
खिलौना उद्योग में भारत की बढ़ती भागीदारी
भारत सरकार ने हाल के वर्षों में घरेलू खिलौना उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुधार किए हैं, जिससे यह सेक्टर वैश्विक कंपनियों के लिए आकर्षक बनता जा रहा है। इस बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते समय भारत के खिलौना उद्योग की संभावनाओं पर भी जोर दिया, जिससे यह संकेत मिलता है कि सरकार इस सेक्टर को और मजबूती देने के लिए कदम उठा सकती है।