Edited By jyoti choudhary,Updated: 31 Jan, 2025 11:51 AM
सीनियर सिटीजन को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) ने बड़ी राहत प्रदान की है। हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए IRDAI ने इंश्योरेंस कंपनियों को पूर्व परामर्श के बिना एक साल में सीनियर...
बिजनेस डेस्कः सीनियर सिटीजन को इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) ने बड़ी राहत प्रदान की है। हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में भारी बढ़ोतरी से बचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए IRDAI ने इंश्योरेंस कंपनियों को पूर्व परामर्श के बिना एक साल में सीनियर सिटीजन पॉलिसीहोल्डर्स के लिए प्रीमियम में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी करने पर रोक लगा दी है यानी अब कंपनियां एक साल में प्रीमियम में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी नहीं कर पाएंगी।
कहा गया है कि यह निर्णय प्रीमियम में अत्यधिक बढ़ोतरी के अनेक उदाहरणों के जवाब में लिया गया है, जिसमें बढ़ोतरी 60-80 फीसदी तक पहुंच गई थी तथा कुछ मामलों में तो दोगुनी भी हो गई थी। बुजुर्ग पॉलिसीधारकों पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ को देखते हुए IRDAI ने अब यह अनिवार्य कर दिया है कि बीमा कंपनियों को 10 फीसदी की सीमा से अधिक प्रीमियम बढ़ोतरी लागू करने से पहले रेगुलेटरी से अप्रूवल लेना होगा।
क्या होगा नया नियम
इस नए निर्देश के तहत कोई भी हेल्थ या जनरल इंश्योरेंस कंपनी जो सीनियर सिटीजन के लिए प्रीमियम में 10 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी करना चाहती है, उसे IRDAI के पास एक औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करना होगा। इसके बाद रेगुलेटर बीमाकर्ता द्वारा दिए गए जस्टिफिकेशन का मूल्यांकन करेगा, तथा केवल तभी प्रीमियम बढ़ोतरी को मंजूरी दी जाएगी, जब वह आवश्यक और उचित समझा जाएगा।
सीनियर सिटीजन की सुरक्षा के लिए भी उपाय
प्रीमियम बढ़ोतरी को नियंत्रित करने के अलावा, IRDAI ने सीनियर सिटीजन की सुरक्षा के लिए और भी उपाय किए हैं. इसने बीमा कंपनियों को वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्रोडक्ट को वापस लेने से स्पष्ट रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। इसके अलावा IRDAI ने बीमा कंपनियों को अस्पतालों को एक समान पैनल में शामिल करने तथा स्वास्थ्य बीमा कवरेज के लिए स्टैडर्डाइज पैकेज पर बातचीत करने का निर्देश दिया है।