Edited By jyoti choudhary,Updated: 29 Mar, 2025 05:33 PM

नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI नंबर से जुड़े भुगतानों के लिए ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे। इन नियमों का पालन UPI मेंबर बैंक, UPI ऐप्स और थर्ड-पार्टी...
बिजनेस डेस्कः नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने UPI नंबर से जुड़े भुगतानों के लिए ग्राहकों के अनुभव को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नए दिशानिर्देश जारी किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी होंगे। इन नियमों का पालन UPI मेंबर बैंक, UPI ऐप्स और थर्ड-पार्टी प्रोवाइडर्स के लिए अनिवार्य होगा।
इनएक्टिव मोबाइल नंबर पर नहीं होगा UPI ट्रांजैक्शन
नए दिशानिर्देशों के तहत, यदि किसी ग्राहक का बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर लंबे समय से इनएक्टिव है, तो उसकी UPI आईडी भी अनलिंक हो जाएगी। ऐसे ग्राहक UPI सेवाओं का उपयोग नहीं कर पाएंगे।
UPI सेवाओं का उपयोग जारी रखने के लिए ग्राहकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर सक्रिय रहे। यदि कोई नंबर लंबे समय तक उपयोग नहीं किया जाता है, तो टेलीकॉम कंपनियां उसे डिएक्टिवेट कर सकती हैं और 90 दिनों बाद किसी अन्य ग्राहक को असाइन कर सकती हैं। ऐसे मामलों में UPI सेवाओं में रुकावट आ सकती है।
NPCI के नए दिशानिर्देश
- बैंक-वेरिफाइड मोबाइल नंबर ही UPI आइडेंटिटीफायर के रूप में काम करेगा।
- बैंकों और UPI ऐप्स को हर हफ्ते मोबाइल नंबर रिकॉर्ड्स अपडेट करने होंगे ताकि डिएक्टिवेट या रिसाइकल नंबर से गलतियों से बचा जा सके।
- न्यूमेरिक UPI आईडी असाइन करने से पहले यूजर की सहमति आवश्यक होगी।
- NPCI को हर महीने इस प्रक्रिया की रिपोर्टिंग अनिवार्य होगी।