Edited By Prachi Sharma,Updated: 03 Sep, 2024 07:55 AM
गणेश चतुर्थी जिसे गणेश उत्सव या गणेश चौथ भी कहा जाता है। गणेश चतुर्थी का ये पावन पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह
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Ganesh Chaturthi 2024: गणेश चतुर्थी जिसे गणेश उत्सव या गणेश चौथ भी कहा जाता है। गणेश चतुर्थी का ये पावन पर्व भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार भगवान गणेश की जयंती के रूप में मनाया जाता है, जो हिन्दू धर्म में बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता माने जाते हैं। पंचांग के अनुसार गणेश चतुर्थी का त्यौहार भाद्रपद मास की शुक्ल चतुर्थी को मनाया जाता है। हर वर्ष पूरे देश भर के लोग इस दिन को गणेश जी के जन्मदिन के रूप में मनाते हैं। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व की शुरुआत भगवान गणेश की मूर्ति की स्थापना से होती है। तो चलिए जानते हैं कब मनाया जाएगा गणेश चतुर्थी का पर्व-
Ganesh Chaturthi date and auspicious time गणेश चतुर्थी तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 6 सितंबर को दोपहर 03 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगी और 7 सितंबर को शाम 5 बजे इसका समापन हो जाएगा। उदया तिथि के अनुसार 7 सितंबर को गणेश चतुर्थी मनाई जाएगी।
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Ganesh Chaturthi Auspicious Yoga गणेश चतुर्थी शुभ योग
इस बार की गणेश चतुर्थी पर बहुत से शुभ योगों का निर्माण होने जा रहा है। इस दिन सबसे पहले ब्रह्म, इंद्र और भद्रावास का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार भद्रा पाताल में रहेगी। यूं कहा जा सकता है इस बार की गणेश चतुर्थी बेहद ही खास और शुभ साबित होने वाली है।
Significance of Ganesh Chaturthi गणेश चतुर्थी का महत्व
गणेश चतुर्थी का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है। इसे भगवान गणेश की पूजा का सबसे महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म भाद्रपद मास की चतुर्थी को हुआ था और इस दिन को पुण्यदायक माना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से सभी विघ्न दूर होते हैं और जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है। इस त्योहार का सांस्कृतिक महत्व भी अत्यधिक है। गणेश चतुर्थी को मनाने के लिए विभिन्न प्रकार की सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाती हैं। यह त्यौहार समाज में एकता और भाईचारे का प्रतीक भी है, जहां लोग एक साथ मिलकर गणेश जी की पूजा करते हैं ।
Ganesh Visarjan aur samapan विसर्जन और समापन
गणेश चतुर्थी का उत्सव आमतौर पर दस दिनों तक चलता है, और इसका समापन गणेश विसर्जन के साथ होता है। अंतिम दिन जिसे अनंत चतुर्दशी कहते हैं, भगवान गणेश की मूर्ति को श्रद्धा के साथ जल में विसर्जित किया जाता है। यह विसर्जन विधि खुशी और दुख दोनों का मिश्रण होती है। विसर्जन के समय श्रद्धालु गणेश जी के प्रति अपनी श्रद्धा और आभार प्रकट करते हैं और अगले साल फिर से आने की प्रार्थना करते हैं। गणेश चतुर्थी एक ऐसा त्यौहार है जो भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं की अमूल्य धरोहर को जीवित रखता है।