Edited By Sarita Thapa,Updated: 08 Jan, 2025 07:26 AM
प्रयागराज (एजैंसी) : मानवता के अमूर्त विरासत के रूप में प्रसिद्ध सनातन संस्कृति के सबसे बड़े मानव समागम महाकुंभ में राष्ट्र कल्याण के लिए 21 से 27 जनवरी तक अति रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
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प्रयागराज (एजैंसी) : मानवता के अमूर्त विरासत के रूप में प्रसिद्ध सनातन संस्कृति के सबसे बड़े मानव समागम महाकुंभ में राष्ट्र कल्याण के लिए 21 से 27 जनवरी तक अति रूद्र महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। उत्तराखंड के देहरादून स्थित सहस्त्रधारा की संस्था जनकल्याण सेवा आश्रम समिति के स्वामी महेशानंद गिरी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। ‘महाकुंभ मेला’ 14 जनवरी से 26 फरवरी, 2025 तक चलेगा। इसमें 50 लाख से ज़्यादा साधु-संतों और लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।
उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा कि शैव संप्रदाय में 4 तरह के यज्ञ का वर्णन मिलता है। रूद्र यज्ञ में 1811 आहुतियां डाली जाती हैं। इसी तरह लघु रूद्र यज्ञ में 19921, महा रूद्र यज्ञ में 219131 और अति रूद्र महा यज्ञ में 2410441 आहुतियां डालने का विधान है। महायज्ञ का कार्यक्रम सेक्टर 9 में आयोजित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि मेला क्षेत्र में 111 कुंड बनाए जाएंगे और प्रत्येक कुंड पर पांच जोड़े बैठकर आहुति डालेंगे। उन्होंने बताया कि 251 आचार्य यह यज्ञ संपन्न कराएंगे।
यज्ञ के समापन के बाद संतों की बड़ी समिष्ट होगी जिसमें सभी 13 अखाड़ों के संतों का भोज होगा। स्वामी महेशानंद निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर भी हैं। उन्होंने बताया कि इस यज्ञ में भारत के विभिन्न प्रदेशों के अलावा यूनाइटेड किंगडम(यूके), जर्मनी, ओशिनिया, कनाडा, और अमरीका से लगभग तीन हजार श्रद्धालु यज्ञ में सम्मिलित होंगे।