Edited By Prachi Sharma,Updated: 08 Sep, 2024 05:00 AM
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जीवन से दुःख-दरिद्रता और गरीबी दूर करने के लिए महालक्ष्मी व्रत बहुत ही खास माना जाता है। यह व्रत आपको जीवन में धन-दौलत और सुख-समृद्धि प्रदान करता है। यह व्रत पूरे 16 दिनों
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Maha Lakshmi Vrat 2024: जीवन से दुःख-दरिद्रता और गरीबी दूर करने के लिए महालक्ष्मी व्रत बहुत ही खास माना जाता है। यह व्रत आपको जीवन में धन-दौलत और सुख-समृद्धि प्रदान करता है। यह व्रत पूरे 16 दिनों तक चलता है। इस दौरान धन की देवी मां लक्ष्मी की पूजा करने का विधान है। यह व्रत मुख्यतौर पर महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, और दक्षिण भारत में मनाया जाता है। माता लक्ष्मी को धन, ऐश्वर्य और सुख की देवी माना जाता है इसलिए इस व्रत का विशेष महत्व है। लक्ष्मी मां यदि प्रसन्न हो जाएं तो व्यक्ति का जीवन संवरने में बिल्कुल भी देर नहीं लगती है। तो चलिए जानते हैं मां लक्ष्मी को खुश करने के लिए महालक्ष्मी व्रत कब से शुरू हो रहे हैं।
Mahalaxmi Vrat Date महालक्ष्मी व्रत तिथि
पंचांग के अनुसार 16 दिन तक चलने वाले इस व्रत की शुरुआत 11 सितंबर से हो रही है और इसका समापन 24 सितंबर को होगा। यह व्रत भादो के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से शुरू हो जाएगा और अगले 16 दिन बाद अश्विन मास में कृष्ण पक्ष की अष्टमी पर इसका समापन हो जाएगा।
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Why is Mahalakshmi fast observed महालक्ष्मी व्रत क्यों किया जाता है
यह व्रत उन लोगों के लिए भी महत्वपूर्ण होता है, जो आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। देवी लक्ष्मी की पूजा करने से विश्वास होता है कि वे आर्थिक संकटों को दूर कर सकती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि ला सकती हैं। महालक्ष्मी व्रत का मुख्य उद्देश्य देवी लक्ष्मी की पूजा करके धन, संपत्ति, और सुख-समृद्धि की प्राप्ति करना होता है। व्रति लोग इस दिन विशेष पूजा, व्रत, और साधना करके लक्ष्मी माता को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं।
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Worship in this way during Mahalaxmi fast महालक्ष्मी व्रत में इस तरह करें पूजा
इस दिन व्रत करने वाले को प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करना चाहिए और साफ वस्त्र पहनने चाहिए।
पूजा के लिए एक स्वच्छ स्थान पर एक चौकी या मंदिर स्थापित करें। चौकी पर माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र रखें। पूजा स्थल को फूलों और दीपकों से सजाएं।
पूजा स्थल पर एक घी या तेल का दीपक जलाएं और माता लक्ष्मी के चित्र या प्रतिमा के समक्ष रखें।
माता लक्ष्मी को अक्षतऔर फूल अर्पित करें। इस दिन विशेष रूप से गुलाब और कमल के फूल अर्पित करने का महत्व होता है।
पूजा में चने की दाल, नारियल, मिठाई, और फल अर्पित करें। इन चीजों को माता लक्ष्मी के चरणों में अर्पित करके पूजा करें।
महालक्ष्मी स्तोत्र का पाठ: पूजा के दौरान माता लक्ष्मी के विभिन्न स्तोत्रों का पाठ करें, जैसे महालक्ष्मी अष्टक्शर मंत्र और श्री लक्ष्मी स्तोत्र।
व्रत के दिन महालक्ष्मी व्रत की कथा सुनना भी महत्वपूर्ण होता है। यह कथा देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्ति के लिए आवश्यक आस्था और श्रद्धा को बढ़ाती है।
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Vrat ka Phal व्रत का फल
महालक्ष्मी व्रत को सच्ची श्रद्धा और भक्ति से करने पर देवी लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। यह व्रत परिवार में सुख, समृद्धि और ऐश्वर्य की वृद्धि करता है। इसके अलावा, यह व्रत व्यक्ति की समृद्धि के साथ-साथ मानसिक और आध्यात्मिक उन्नति भी लाता है।