Edited By Niyati Bhandari,Updated: 27 Mar, 2025 11:23 AM

Masik Shivratri 2025: पंचांग के अनुसार हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। मासिक यानी हर माह पड़ने वाली शिवरात्रि और आज 27 मार्च को ये व्रत रखा जाएगा। शनि, मंगल और राहु-केतु की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए मासिक...
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Masik Shivratri 2025: पंचांग के अनुसार हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। मासिक यानी हर माह पड़ने वाली शिवरात्रि और आज 27 मार्च को ये व्रत रखा जाएगा। शिव उपासकों को बेसब्री से आज के दिन का इन्तजार रहता है। मासिक शिवरात्रि पर महादेव अपने भक्तों की हर मनोकामना को पूर्ण करते हैं। इसी के साथ आपको बता दें कि आज के दिन कुछ खास उपाय करने से ग्रह-दोषों से मुक्ति मिलती है। शनि, मंगल और राहु-केतु की पीड़ा से मुक्ति पाने के लिए मासिक शिवरात्रि का दिन बेहद खास माना जाता है। भगवान शिव के आशीर्वाद से कोई भी पाप ग्रह उनके भक्त का कुछ नहीं बिगाड़ सकता क्योंकि कहा जाता है: अकाल मृत्यु वो मरे जो काम करे चांडाल का, काल उसका क्या करे जो भक्त हो महाकाल का।

Do these remedies today you will get relief from the effects of these planets आज करें ये उपाय, इन ग्रहों के दोष से मिलेगी मुक्ति
Rahu Ketu राहु-केतु: जिन व्यक्तियों की कुंडली में राहु-केतु का दोष होता है, उनके जीवन में खुशियां समाप्त सी हो जाती हैं और जीवन कष्टों से भर जाता है। अगर इनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर जल में दुर्वा और कुश मिलाकर अभिषेक करें। ऐसा करने से धीरे-धीरे राहु का दुष्प्रभाव कम होता है। इस उपाय को करने के बाद शिव पंचाक्षरी मंत्र का कम से कम 11 माला जाप करें।

शिव पंचाक्षरी मंत्र- ॐ नमः शिवाय
Shani grah शनि ग्रह: शनि दोष से मुक्ति या उसके प्रभाव को कम करने के लिए गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करें और साथ में 11 शमी के पत्ते चढ़ाएं। इसके बाद शिव चालीसा का पाठ करें। देवों के देव महादेव शनि देव के गुरु कहलाते हैं इसलिए शिवरात्रि के दिन इन उपायों को करने से शनि की ढैय्या और साढ़ेसाती का प्रभाव कम होता है।

Mangal grah मंगल ग्रह: मंगल दोष से पीड़ित व्यक्ति इस उपाय को अवश्य करें। गंगाजल में लाल चंदन, लाल फूल और गुड़ डालकर शिवलिंग का जलाभिषेक करें। जल चढ़ाते समय इस मंत्र का जाप करें :
मंत्र- ॐ नमो भगवते रुद्राय नम:

Chandrama grah चंद्रमा ग्रह: भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रमा विराजमान हैं। जो व्यक्ति चंद्र देव की पूजा करता है महादेव उससे हमेशा प्रसन्न रहते हैं।
कुंडली में चंद्र ग्रह के शुभ फल प्राप्त करने के लिए मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग पर चांदी अथवा तांबे के कलश से गंगा जल चढ़ाएं।
मानसिक अशांति से छुटकारा पाने के लिए इस मंत्र का जाप करें:
मंत्र- ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः