Edited By Niyati Bhandari,Updated: 17 Jan, 2023 09:10 AM
आज यानी 17 जनवरी से शनि कुंभ राशि में गोचर करना आरंभ करेंगे। 1 महीने तक ये यहीं वास करेंगे। फिर 1 माह बाद 14 फरवरी को शनि अस्त हो जाएंगे क्योंकि कुंभ राशि में सूर्य का गोचर
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Shani Transit 2023 Virgo Horoscope: आज यानी 17 जनवरी से शनि कुंभ राशि में गोचर करना आरंभ करेंगे। 1 महीने तक ये यहीं वास करेंगे। फिर 1 माह बाद 14 फरवरी को शनि अस्त हो जाएंगे क्योंकि कुंभ राशि में सूर्य का गोचर आरंभ हो जाएगा। जैसे ही यह सूर्य के प्रभाव में आएंगे, अस्त हो जाएंगे और 17 मार्च के आसपास दोबारा से उदय होंगे। 17 जून को एक बार फिर से वक्री होंगे।
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कन्या राशि के जातको पर शनि के राशि परिवर्तन का बहुत अच्छा प्रभाव रहने वाला है। कन्या राशि में कुंभ राशि छठे भाव में बनती है। पाप ग्रहों का जो गोचर होता है वो 3, 6, 11 का अच्छा होता है। शनि का छठे भाव में गोचर कन्या राशि के जातको के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है। शनि पहले पंचम भाव में गोचर कर रहे थे, तब ये सामने वाले 11 वें भाव को डिस्टर्ब कर रहे थे। 11वां भाव आय का भाग होता है। अब यहां से शनि की दृष्टि हट जाएगी। जब ये छठें भाव में आएंगे तो यहां से गोचर करते वक्त सातवें में जाएंगे। वहां जाकर यह दिग्बली हो जाते हैं। छठा भाव शनि का थोड़ा सा फेवरेट भाव भी है क्योंकि ये सप्तम के बिल्कुल साथ वाला भाव है। यहां से शनि तीसरी दृष्टि से अष्टम भाव को देखेंगे। 7वीं दृष्टि से 12 वें भाव को देखेंगे। तीसरे भाव को देखेंगे दसवीं दृष्टि के साथ। ये रहेंगी शनि की दृष्टियां आपकी कुंडली में।
तो आइए जानें, आपको राहत कहां मिलेगी। अगर आपकी शादी होने वाली थी या संतान प्राप्ति में बाधा आ रही थी तो वो इसलिए ऐसा हो रह था क्योंकि शनि पंचम में बैठकर सातवें को डिस्टर्ब कर रहे थे। सातवां भाव शादी का भाव होता है। वो शादी को लटका देता है। पांचवा भाव रिश्ते का भी भाव होता है। ये गोचर इन दोनों समस्याओं का हल करेगा।
शनि की दसवीं दृष्टि जा रही थी, आपके धन स्थान पर। धन संबंधित जो फ्लो रुका हुआ था, अब वो फ्लो चल निकलेगा। आय, धन, संतान और शादी ये चारों जिंदगी के सबसे अहम पहलु होते हैं। यहां से शनि का बुरा प्रभाव हट जाएगा। ये गोचर अगले दो साल में आपको बहुत कुछ देकर जाएगा।
थोड़ा सा सावधान रहें क्योंकि शनि की तीसरी दृष्टि अष्टम भाव पर है। सीक्रेट गुप्त विद्या अचानक से लाभ-हानि करवा सकती है। यदि आप ड्राइविंग से संबंधित कोई काम करते हैं या जोखिम रहता है, गिरने या चोट लगने का तो ध्यान से काम करने की जरुरत है। 12वें भाव की बात करें तो मतलब खर्च बढ़ेगा। जब आय बढ़ेगी तो खर्चा भी बढ़ेग। शनि उस भाव पर नजर बनाए बैठे हैं। यदि आप विदेश जाना चाहते हैं तो थोड़ी समस्या हो सकती है। स्लीपिंग डिसऑर्डर भी इसी भाव से देखे जाते हैं, नींद संबंधित समस्याएं आ रही हैं तो इसमें शनि का प्रभाव शामिल है। आपके भाई की सेहत में समस्या हो सकती है। फैसले लेने में समस्या आ सकती है।
यदि आपकी कुंडली में शनि की दशा या महदशा नहीं चल रही है तो कोई भी उपाय करने की अवश्यकता नहीं है। यदि चल रही है तो शनिवार को शनि मंदिर में शनि देव की शीला पर सरसों का तेल अर्पित करें।
शनि मंत्र क जाप करें- ओम शं शनैश्चराय नमः
उड़द की दाल और सरसों के तेल का दान करें।
नरेश कुमार
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