Edited By Prachi Sharma,Updated: 27 Feb, 2025 02:55 PM
शनिदेव का गोचर हो रहा है 29 मार्च को। 29 मार्च को शनिदेव मीन राशि में गोचर करेंगे। यह यहां पर 23 फरवरी 2028 तक रहेंगे यानी कि अगला गोचर जो है वो मीन राशि में रहेगा। यह गोचर 30 साल बाद हो रहा है
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Shani Transit in pisces 2025: शनिदेव का गोचर हो रहा है 29 मार्च को। 29 मार्च को शनिदेव मीन राशि में गोचर करेंगे। यह यहां पर 23 फरवरी 2028 तक रहेंगे यानी कि अगला गोचर जो है वो मीन राशि में रहेगा। यह गोचर 30 साल बाद हो रहा है, यदि हम 30 साल पीछे जाते हैं। अगली राशि जिसको शनि के इस गोचर का काफ लाभ होने जा रहा है वह है तुला राशि। यह गोचर तुला राशि के जातकों के लिए छठे भाव में होगा और छठे भाव में शनि का गोचर शुभ होता है। अब तुला राशि के लिए शनि योगा कारक ग्रह हो जाते हैं क्योंकि शनि की मकर राशि चौथे भाव में आ जाती है। शनि की कुंभ राशि जो मूल त्रिकोण राशि है, वह पंचम भाव में आ जाती है। इस लिहाज से शनि वह तुला राशि के जातकों के लिए योगा कारक हो जाते हैं। एक केंद्र और एक त्रिकोण भाव के स्वामी होकर अब गोचर तो निश्चित तौर पर अच्छा रहेगा।
तुला राशि के ऊपर शनि की महादशा आती है। तुला राशि के जातक है वह चित्रा नक्षत्र में पैदा होते हैं। चित्रा नक्षत्र के दो चरण आखिरी वो तुला राशि में आते हैं। ये मंगल का नक्षत्र है, स्वाति नक्षत्र ये राहु का नक्षत्र है। इसके चारों चरण जो तुला राशि में आते हैं और अगला नक्षत्र वो विशाखा नक्षत्र है वो गुरु का नक्षत्र है। इसके जो तीन चरण है वो स्वाति नक्षत्र उसमें आते हैं। तुला राशि में अब मान लीजिए किसी का जन्म चित्रा नक्षत्र में हुआ है तो चित्रा नक्षत्र के यदि तीसरे चरण में भी हुआ है तो उसको मंगल की जो दशा मिलेगी वह लगभग तीन चार साल के आसपास मिलेगी।
जिनका जन्म चित्रा नक्षत्र में हुआ है और उम्र 40 के पास है वो सारे शनि के प्रभाव में आ चुके हैं। 40 से 60 वाले सारे शनि के प्रभाव में आ चुके हैं। 30 से 50 साल वाले जितने भी जातक हैं वह सारे शनि के प्रभाव में आ गए क्योंकि जब यह स्वाती नक्षत्र में पैदा हुआ होगा। कोई जातक तो उसको राहु की जो दशा मिलेगी वह या तो 19 साल की मिलेगी या 9 साल की मिलेगी। उसके बाद गुरु का नक्षत्र आ जाएगा। गुरु की राशि आ जाएगी गुरु का फेस आ जाएगा तो गुरु का फेस थोड़ा ही होता है। योगा कारक है इसलिए वह अपने भावों के फल अच्छे कर जाएंगे। जहां पर गोचर में है वह अच्छा फल कर जाएंगे। यहां पर आपके लिए इतना भरा है तुला राशि के वो जातक मोटे तौर पर जिनका जन्म चित्रा में हुआ है या स्वाति में हुआ है उनके लिए शनि बहुत अच्छे फल करने वाला है। तो कुछ लोग तो महादशा क्रॉस कर चुके जिनका जन्म विशाखा में हुआ है स्वाति वाले अभी महादशा में है। चित्रा वाले महादशा में चल रहे होंगे और उनको इसका बहुत फायदा होगा। शनि जहां पर बैठे हैं यह रोग, ऋण, शत्रु का भाव होता है यह कर्जे का भाव होता है। यहां से सारे विवाद आते हैं कोर्ट केसेस आपके यहीं से आते हैं। यदि आपकी राशि तुला है और आपके ऊपर महादशा चल रही है। यहां पर शनि इस भाव को मजबूत कर देंगे। कोर्ट के केसेस कर्ज वाली स्थिति पर आपको राहत मिलती हुई नजर आएगी। शनि थोड़ा सा स्लो फल करते हैं। यहां पर चीजें आपके पक्ष में होती हुई नजर आएंगी। यदि ये कोर्ट का विवाद पुरानी प्रॉपर्टी से संबंधित है जो आपने खुद नहीं बनाई क्योंकि अष्टम भाव से वो प्रॉपर्टी देखी जाती है।
आप जो खुद बनाते हैं वो फोर्थ हाउस से आती है, तो वहां से संबंधित चीजें सेट होती हुई नजर आएंगी। आपका काम यदि विदेश से जुड़ा हुआ है तो आपको इसको फायदा होगा। विदेश से जिनका संबंध है उनके लिए समय बेटर होता हुआ नजर आएगा। यहां पर शनि तीसरे भाव को देखेंगे तो आपके लिए निश्चित तौर पर डिटरमिनेशन आपकी बढ़ती हुई नजर आएगी। डिटरमिनेशन का मतलब यह है कि आप कोई भी फैसला करेंगे पूरी कन्न के साथ करेंगे पूरे कॉन्फिडेंस के साथ करेंगे। जल्दबाजी में कोई डिसीजन लेंगे। जब डिसीजन लेंगे पूरा बुद्धि-विवेक के साथ लेंगे। फिफ्थ हाउस का स्वामी अच्छे गोचर में नहीं होता या अच्छे प्रभाव में नहीं होता। तो निश्चित तौर पर यहां पर चीजें उस मामले में भी सेट होती हुई नजर आएंगी। प्रॉपर्टी का काम है जिनका उनको बहुत फायदा होने जा रहा है। उनके लिए बहुत सारी चीजें सेट होती हुई नजर आएंगी और एसेट क्रिएशन का काम इन ढाई सालों में निश्चित तौर पर होगा। तुला राशि के जातकों के लिए बहुत सारी एसेट क्रिएट हो सकती हैं जिनकी राशि तुला है वो इन ढाई सालों में एसेट जरूर क्रिएट करके जाएंगे।
यह आप निश्चित तौर पर जब यह गोचर खत्म होगा तो उसको आप विटनेस भी करेंगे कि फोर्थ भाव की दशा चल रही थी और भाव का स्वामी अच्छे गोचर में था। यदि सामान्य स्थिति है तब भी कुछ न कुछ एसेट क्रिएट हो जाएगी लेकिन यदि वो आपका प्लेनेट विशेष फल कर रहा है, भाग्य स्थान में पड़ा हुआ है पंचम स्थान में पड़ा हुआ है। निश्चित तौर पर वो विशिष्ट फल करके जाएगा, वो अच्छे फल करके जाएगा। यहां पर निश्चित तौर पर तुला राशि के जातकों के लिए ये चीजें भी होने जा रही हैं। तो ये जो गोचर तुला राशि के जातकों के लिए बहुत शुभ रहने वाला है। यह 30 साल बाद फेस आया है बहुत लंबे समय बाद ये फेस आया है तुला राशि के जातक बहुत परेशान रहते हैं शनि के कारण और फाइनली यह जो फेस है तुला राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छे फल लेकर आएगा । यदि आपकी कुंडली में शनि की स्थिति खराब है तो शनि आपकी कुंडली में छठे, आठवें, 12वें भाव में पड़े हुए हैं। राहु-केतु एक्सेस में है शनि बहुत अच्छी पोजीशन में नहीं है तो आपको शनि की रेमेडी जरूर करनी चाहिए।
शनिवार शाम के समय शनि देव की शिला को तेल अर्पित करें।
काली दाल का दान करें।
ॐ शं शनैश्चराय नमः का जाप करें।
नरेश कुमार
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