Edited By Niyati Bhandari,Updated: 23 Feb, 2025 03:39 PM

Vijaya Ekadashi upay 2025: विजया एकादशी को विशेष रूप से विजय और धार्मिक कार्यों के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, विजया एकादशी के दिन व्रत और उपवास रखने का विशेष महत्व है। इस दिन विशेष रूप से ये...
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Vijaya Ekadashi upay 2025: विजया एकादशी को विशेष रूप से विजय और धार्मिक कार्यों के लिए आशीर्वाद प्राप्त करने के उद्देश्य से मनाया जाता है। हिंदू शास्त्रों के अनुसार, विजया एकादशी के दिन व्रत और उपवास रखने का विशेष महत्व है। इस दिन विशेष रूप से ये कार्य किए जाते हैं:
उपवास और व्रत: इस दिन भक्त दिन भर उपवास रखते हैं और केवल फलाहार करते हैं। शास्त्रों में इसे विशेष रूप से बताया गया है कि इस दिन लवण (नमक) का त्याग करना चाहिए क्योंकि यह पापों का नाश करने के लिए लाभकारी होता है।
हरि का स्मरण: इस दिन भक्त भगवान श्री कृष्ण या राम के मंत्रों का जाप करते हैं, जैसे "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" या "राम राम"। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान का स्मरण और भक्ति से उनकी कृपा प्राप्त होती है।

दान-पुण्य: इस दिन दान देने का विशेष महत्व है। गरीबों को भोजन देना, ब्राह्मणों को वस्त्र और धन का दान करना अत्यधिक शुभ माना जाता है। साथ ही गाय, तुलसी, पानी और ताम्र का दान भी विशेष रूप से किए जाते हैं।
रात्रि जागरण: एकादशी की रात्रि को जागरण करना भी एक महत्वपूर्ण कार्य है। भक्त भगवान का कीर्तन करते हैं और रात भर उनकी पूजा में लीन रहते हैं। यह कार्य भक्त की आध्यात्मिक उन्नति के लिए बहुत फलदायक माना जाता है।

विशेष पूजा: शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भक्त विशेष पूजा विधि अपनाते हैं, जिसमें विजया (विजय की देवी) की पूजा भी की जाती है, ताकि व्यक्ति जीवन में सभी प्रकार की विजय प्राप्त कर सके। चाहे वह युद्ध की हो, जीवन के संघर्ष की हो, या आत्मिक विजय हो।

विजया एकादशी के लाभ:
विजया एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के जीवन में:
पापों का नाश होता है।
धन, संतान और स्वास्थ्य के क्षेत्र में वृद्धि होती है।
आध्यात्मिक उन्नति होती है और भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
जीवन में विजय की प्राप्ति होती है, चाहे वह किसी भी क्षेत्र में हो।
