Edited By Tanuja,Updated: 30 Sep, 2024 12:20 PM
सऊदी अरब को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Saudi Crown Prince (MBS) के हालिया बयान ने मुस्लिम देशों में हलचल मचा दी है। अमेरिकी पत्रिका द अटलांटिक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि....
Ridyadh: सऊदी अरब को क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (Saudi Crown Prince (MBS) के हालिया बयान ने मुस्लिम देशों में हलचल मचा दी है। अमेरिकी पत्रिका द अटलांटिक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि MBS ने फिलिस्तीन को लेकर खुलकर कहा कि यह मुद्दा उनकी प्राथमिकता में नहीं है। यह बयान जनवरी 2024 में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन के सऊदी दौरे के दौरान हुआ था, जहां इजरायल और फिलिस्तीन के बीच जारी संघर्ष पर चर्चा की गई थी। द अटलांटिक की रिपोर्ट के अनुसार, 40 वर्षीय क्राउन प्रिंस ने कहा कि सऊदी अरब के 70% लोग युवा हैं और इन लोगों को फिलिस्तीन के संघर्ष के बारे में अधिक जानकारी नहीं है। MBS ने यह भी कहा कि उनके या सऊदी नागरिकों के लिए फिलिस्तीन (Palestine) का मुद्दा उतना महत्वपूर्ण नहीं है, क्योंकि उनका ध्यान अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर है।
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उन्होंने कहा, "मेरे देश के ज्यादातर लोग फिलिस्तीन के बारे में केवल इजरायली हमलों (Israeli attacks) के कारण जान रहे हैं, इसलिए यह उनके लिए प्राथमिक मुद्दा नहीं है। यही कारण है कि मेरी भी फिलिस्तीन को लेकर व्यक्तिगत रूप से ज्यादा रुचि नहीं है।"हालांकि, MBS ने यह भी संकेत दिया कि फिलिस्तीन की स्थिति को लेकर इजरायल के साथ बातचीत जारी रहनी चाहिए और फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना का समर्थन किया। यह बयान सऊदी अरब के इजरायल के साथ संबंधों के संभावित सामान्यीकरण के संकेतों के बीच आया है, जिसे अमेरिकी प्रशासन भी समर्थन दे रहा है। इसके अलावा, क्राउन प्रिंस का रुख मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रति भी कड़ा रहा है। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब मुस्लिम ब्रदरहुड के प्रभाव को खत्म करने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। MBS ने कहा कि मुस्लिम ब्रदरहुड जैसे संगठनों की विचारधारा ने मध्य पूर्व में चरमपंथ को बढ़ावा दिया है, और सऊदी अरब इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाता रहेगा।
इस रिपोर्ट के जारी होने के बाद सऊदी अधिकारियों ने इसका खंडन किया है। मिडिल ईस्ट आई (Middle East Eye) की रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अधिकारियों ने कहा कि क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन (Antony Blinken) के बीच फिलिस्तीन को लेकर ऐसी कोई भी बातचीत नहीं हुई थी। सऊदी सरकार की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन रिपोर्ट के बाद सऊदी अरब के अधिकारियों ने फिलिस्तीन मुद्दे पर एमबीएस के बयान को गलत बताया है। बता दें कि सऊदी अरब में फिलिस्तीन के समर्थन में किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। जहां कई मुस्लिम देशों में इजरायल के खिलाफ और फिलिस्तीन के समर्थन में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए, वहीं सऊदी अरब में इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी गई। फिलिस्तीन के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों को सजा का सामना करना पड़ सकता है। यह सऊदी सरकार के उन सख्त नियमों का हिस्सा है, जो देश में राजनीतिक अस्थिरता को रोकने के लिए बनाए गए हैं।
सऊदी क्राउन प्रिंस के इस कथित बयान के बाद कई मुस्लिम देशों और संगठनों में नाराजगी देखी गई है। सऊदी अरब, जो कि लंबे समय से इस्लामिक दुनिया का नेतृत्व करने का दावा करता रहा है, अब फिलिस्तीन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपने रुख में बदलाव कर रहा है, जो कई मुस्लिम देशों के लिए चिंता का विषय है।तुर्की, कतर, और ईरान जैसे देशों ने हमेशा फिलिस्तीन के मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाया है, और उनके साथ सऊदी अरब के मतभेद इस नए घटनाक्रम के बाद और गहरे हो सकते हैं। खासकर जब सऊदी अरब के इजरायल के साथ संबंधों को सामान्य करने की संभावनाओं की चर्चा हो रही है, तो इस्लामिक देशों में यह मुद्दा और संवेदनशील हो सकता है।