Edited By Tanuja,Updated: 26 Feb, 2025 03:03 PM

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने निवेशकों के लिए 35 साल पुराने वीजा की जगह 50 लाख अमेरिकी डॉलर में “गोल्ड कार्ड” पेश...
Washington: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने निवेशकों के लिए 35 साल पुराने वीजा की जगह 50 लाख अमेरिकी डॉलर में “गोल्ड कार्ड” पेश करने की योजना बनाई है, जिसे लेने वाले अमेरिकी नागरिकता पाने के पात्र हो जाएंगे। ट्रंप ने ओवल ऑफिस (अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय) में कहा, “अमीर और सफल लोग ये वीजा ले सकते हैं। वे काफी पैसा निवेश करेंगे, काफी कर का भुगतान करेंगे, काफी लोगों को नौकरी देंगे और मुझे लगता है कि यह (योजना) बहुत ही सफल होने वाली है।”
ये भी पढ़ेंः- नाजुक युद्धविराम बरकरार: इजराइल और हमास कैदियों एवं बंधकों की नयी अदला बदली पर सहमत
वाणिज्य मंत्री होवार्ड ल्युटनिक ने कहा कि दो सप्ताह में ईबी-5 वीजा की जगह “ट्रंप गोल्ड कार्ड” ले लेगा। संसद ने 1990 में विदेशी निवेश को ध्यान में रखते हुए ईबी-5 वीजा पेश की थी और यह 10 लाख अमेरिकी डॉलर का निवेश करने वाले व्यक्तियों के लिए उपलब्ध है। आव्रजन से संबंधित गृह मंत्रालय के वार्षिक आंकड़ों के अनुसार 30 सितंबर 2022 तक 12 महीने के दौरान लगभग 8,000 लोगों ने निवेशक वीजा लिया था। संसद की शोध सेवा ने 2021 में कहा था कि ईबी-5 वीजा में धोखाधड़ी का खतरा बना रहता है।
ये भी पढ़ेंः- चीन में इवेंट दौरान AI रोबोट ने भीड़ पर किया हमला, लोगों पर चलाए घूंसे (देखें वीडियो)
परामर्श कंपनी ‘हेनली एंड पार्टनर्स' के अनुसार दुनियाभर में निवेशक वीजा आम हैं। कंपनी के अनुसार अमेरिका, ब्रिटेन, स्पेन, ग्रीस, माल्टा, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और इटली समेत दुनियाभर के 100 से अधिक देश अमीर लोगों को “गोल्डन वीजा” देते हैं। ट्रंप ने कहा, “यह (गोल्ड कार्ड) एक ग्रीन कार्ड की तरह होगा, लेकिन किसी भी तरह के गडबड़झाले से मुक्त होगा। यह लोगों, खासकर अमीर और प्रतिभाशाली व्यक्तियों के लिए अमेरिकी नागरिकता लेने का रास्ता बनाएगा। ” नागरिकता के लिए योग्यता कांग्रेस निर्धारित करती है, लेकिन ट्रंप ने कहा कि "गोल्ड कार्ड" के लिए कांग्रेस की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी।