Edited By Anu Malhotra,Updated: 27 Mar, 2025 07:12 AM

8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद से सरकारी कर्मचारियों के मन में यही सवाल था कि आखिर उनकी सैलरी में कितना इजाफा होगा। अब, गोल्डमैन सैक्स की ताजा रिपोर्ट ने इस सवाल का जवाब देने का दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद...
नेशनल डेस्क: 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद से सरकारी कर्मचारियों के मन में यही सवाल था कि आखिर उनकी सैलरी में कितना इजाफा होगा। अब, गोल्डमैन सैक्स की ताजा रिपोर्ट ने इस सवाल का जवाब देने का दावा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में 14,000 रुपये से लेकर 19,000 रुपये तक का इजाफा हो सकता है। इस बढ़ोतरी का फायदा 2026 या 2027 तक सरकारी कर्मचारियों को मिलने की उम्मीद है।
क्या होगा सैलरी में इजाफा?
फिलहाल केंद्र सरकार के कर्मचारियों की औसत सैलरी लगभग 1 लाख रुपये प्रति माह है। 8वें वेतन आयोग के बाद इस सैलरी में 14 से 19 प्रतिशत तक का इजाफा हो सकता है। गोल्डमैन सैक्स के अनुमान के अनुसार, अगर सरकार 1.75 लाख करोड़ का बजट निर्धारित करती है तो सैलरी में औसतन 14,600 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं, 2 लाख करोड़ का बजट होने पर यह बढ़ोतरी 16,700 रुपये तक हो सकती है, और 2.25 लाख करोड़ के आवंटन पर कर्मचारियों को 18,800 रुपये तक का फायदा हो सकता है।
किसे मिलेगा फायदा?
इस योजना से लगभग 50 लाख सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा। यह बदलाव सरकारी कर्मचारियों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं होगा।
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
केंद्रीय कैबिनेट ने 16 जनवरी 2025 को 8वें वेतन आयोग को मंजूरी दे दी थी, लेकिन आयोग के अध्यक्ष और सदस्य अभी तक तय नहीं किए गए हैं। माना जा रहा है कि आयोग की रिपोर्ट 2026 या 2027 में लागू हो सकती है।
सैलरी में बढ़ोतरी के लिए फिटमेंट फैक्टर
वेतन आयोग के तहत सैलरी में बढ़ोतरी के लिए फिटमेंट फैक्टर भी तय किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, और अब कर्मचारियों की मांग है कि इसे बढ़ाया जाए। अगर यह 2.57 पर कायम रहता है तो न्यूनतम सैलरी 18,000 से बढ़कर 46,260 रुपये हो जाएगी, जबकि पेंशन 9,000 से बढ़कर 23,130 रुपये हो सकती है। हालांकि, अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 होता है, तो न्यूनतम सैलरी 34,560 रुपये हो सकती है। इस बढ़ोतरी का इंतजार सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है, और अगले कुछ सालों में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।