Edited By Mahima,Updated: 23 Jan, 2025 05:09 PM
तमिलनाडु के चेंगलपेट जिले में 14 महीने के बच्चे एम ऑगस्टीन की पानी से भरी बाल्टी में गिरने से मौत हो गई। घटना उस समय घटी जब उसकी मां कुछ समय के लिए अंदर गईं और बच्चा बाहर खेलते हुए बाल्टी में गिर गया। अस्पताल में इलाज के बाद भी बच्चे को बचाया नहीं...
नेशनल डेस्क: तमिलनाडु के चेंगलपेट जिले के मेलाचेरी इलाके में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ, जिसमें महज 14 महीने के मासूम की पानी से भरी बाल्टी में गिरने के कारण मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को हैरान कर दिया है और यह घटना बच्चों के प्रति माता-पिता की लापरवाही को लेकर एक चेतावनी बन गई है।
जानिए क्या है पूरी घटना
यह घटना उस समय घटी जब मणिकंदन, जो एक इलेक्ट्रीशियन हैं, काम पर गए हुए थे और उनकी पत्नी जॉयस अपने बच्चों के साथ घर पर ही थीं। जॉयस अपने छोटे बेटे ऑगस्टीन को खाना खिला रही थीं। खाना खिलाने के बाद, जॉयस कुछ काम के सिलसिले में घर के अंदर चली गईं। इस दौरान, ऑगस्टीन बाहर खेलते हुए पास पड़ी पानी से भरी एक बाल्टी तक पहुंच गया और उसमें गिरकर डूब गया।
ऑगस्टीन को बाल्टी में डूबा हुआ पाया
जब जॉयस कुछ समय बाद बाहर आईं, तो उन्होंने ऑगस्टीन को बाल्टी में डूबा हुआ पाया। यह दृश्य देखकर वह घबरा गईं और तुरंत आस-पास के पड़ोसियों को इसकी सूचना दी। परिवार के सदस्य भी इकट्ठा हुए और बच्चे को जल्दी से अस्पताल ले जाने के लिए कदम उठाए। अस्पताल में उसे भर्ती कराया गया, और डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्यवश बच्चे की हालत में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार को उसकी मौत हो गई।
एक छोटी सी लापरवाही की कीमत पड़ी भारी
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि बच्चों को हमेशा पूरी निगरानी में रखना चाहिए, खासकर जब वे छोटे होते हैं। एक छोटी सी लापरवाही के कारण जॉयस का प्यारा बेटा उनसे हमेशा के लिए दूर हो गया। परिवार अब इस दुःखद हादसे से बुरी तरह टूट चुका है और शोक की लहर में डूबा हुआ है।
पुलिस कर रही है जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, यह घटना लापरवाही का मामला लग रहा है, फिर भी पुलिस अपने स्तर पर सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह घटना इस बात को और स्पष्ट करती है कि माता-पिता को अपने छोटे बच्चों के लिए हमेशा अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। घर में रखे छोटे-छोटे खतरों, जैसे पानी से भरी बाल्टी, की तरफ ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों को अकेला छोड़ने से बचना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए हमेशा सजग रहना चाहिए।