Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 26 Mar, 2025 12:25 PM

प्रयागराज के महाकुंभ में हुई भगदड़ के दौरान जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिजनों को अब तक सरकार द्वारा घोषित 25 लाख रुपये का मुआवजा नहीं मिला है। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें केवल ढाई लाख रुपये मिले हैं और प्रशासन इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब...
नेशनल डेस्क: प्रयागराज के महाकुंभ में हुई भगदड़ के दौरान जिन लोगों ने अपनी जान गंवाई, उनके परिजनों को अब तक सरकार द्वारा घोषित 25 लाख रुपये का मुआवजा नहीं मिला है। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें केवल ढाई लाख रुपये मिले हैं और प्रशासन इस मुद्दे पर स्पष्ट जवाब नहीं दे रहा है। 9 जनवरी को मौनी अमावस्या स्नान के दौरान संगम नोज के पास भगदड़ मच गई थी, जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया था, लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी कई परिवारों को या तो कोई पैसा नहीं मिला या फिर केवल ढाई लाख रुपये दिए गए हैं।
प्रशासन नहीं दे रहा जवाब?
जौनपुर के विनय राजभर ने बताया कि उनकी दादी फूलमती देवी की मौत इस हादसे में हुई थी। वह मृत्यु प्रमाण पत्र लेकर प्रयागराज प्रशासन के पास गए थे, लेकिन उन्हें कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई कि 25 लाख रुपये का मुआवजा कैसे और कब मिलेगा। इसी तरह सरस्वती देवी के परिवार को भी सिर्फ ढाई लाख रुपये मिले हैं। उनकी बहू शांति देवी ने बताया कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि शेष राशि कब और कैसे मिलेगी।
बंगाल के पीड़ितों को भी सिर्फ 2.5 लाख रुपये
पश्चिम बंगाल के कई पीड़ित परिवारों को भी केवल ढाई लाख रुपये दिए गए हैं। शर्मला रुइदास, जिनके पति बिनोद रुइदास महाकुंभ में भगदड़ के दौरान मारे गए थे, ने बताया कि 19 मार्च को प्रशासन के चार लोग उनके घर आए और 2.5 लाख रुपये देकर चले गए। उन्होंने यह नहीं बताया कि बाकी 22.5 लाख रुपये कब मिलेंगे। वहीं, चमशाली रुइदास ने बताया कि उनकी सास को अधिकारियों ने यह कहा था कि बाकी पैसे किश्तों में मिलेंगे, लेकिन इस बारे में कोई लिखित दस्तावेज नहीं दिया गया।
प्रशासन का अजीब रवैया, अधिकारी नहीं दे रहे जवाब
जब इस संबंध में मेला अधिकारी विजय किरण आनंद से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि सभी पीड़ित परिवारों को मुआवजा भेजा जा चुका है और कुछ मामलों में आई समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। वहीं, प्रयागराज के जिला मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार मंदार से जब इस पर सवाल किया गया तो वह कोई जवाब नहीं दे पाए।
मृतकों की सूची तक जारी नहीं की सरकार
यूपी कांग्रेस प्रमुख अजय राय ने भी सरकार से मुआवजे को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मांग की है कि सरकार भगदड़ में मारे गए लोगों की पूरी सूची जारी करे। उन्होंने झारखंड के सिंहभूम के शिवराज गुप्ता का मामला भी उठाया, जिनकी मौत इस भगदड़ में हुई थी लेकिन उनका नाम सरकारी सूची में नहीं था। उनके परिजनों को यूपी पुलिस ने 5 लाख रुपये देने की कोशिश की थी, लेकिन उनके बेटे ने यह कहकर लेने से इनकार कर दिया कि जब घोषित राशि 25 लाख रुपये है तो केवल 5 लाख क्यों दिए जा रहे हैं।