Edited By Yaspal,Updated: 05 Feb, 2021 08:06 PM
भारत का सबसे पहला सेमी स्टील्थ ड्रोन का मॉडल भी बेंगलुरू के एयरो इंडिया शो 2021 में पेश किया गया। वॉरियर नाम का ये ड्रोन स्वदेशी कार्यक्रम यानी कॉम्बैक्ट एयर सिस्टम का हिस्सा है। यह मानव और मानवरहित प्लेटफॉर्म का बेहद सटीक मिश्रण है, जो दुश्मनों के...
नेशनल डेस्कः भारत का सबसे पहला सेमी स्टील्थ ड्रोन का मॉडल भी बेंगलुरू के एयरो इंडिया शो 2021 में पेश किया गया। वॉरियर नाम का ये ड्रोन स्वदेशी कार्यक्रम यानी कॉम्बैक्ट एयर सिस्टम का हिस्सा है। यह मानव और मानवरहित प्लेटफॉर्म का बेहद सटीक मिश्रण है, जो दुश्मनों के बेहद चौकसी भरे हवाई क्षेत्र को भी भेद देगा। आम भाषा में कहें तो वॉरियर ड्रोन इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि वह स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस कॉम्बैट एयरक्राफ्ट के साथ उड़ाया जा सके, जो युद्ध के मैदान में तेजस की रक्षा करेगा और दुश्मन से बराबरी का मुकाबला भी करेगा।
वॉरियर ड्रोन का पहला प्रोटोटाइप के 3 से 5 साल के भीतर उड़ान भरने की उम्मीद है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) की ओर से इसके लिए वित्तीय मदद दी जा रही है। CATS प्रोग्राम के तहत देश में अगली पीढ़ी के कई हथियार और उपकरण विकसित किए जा रहे हैं।
वॉरियर ड्रोन की खासियत ये है कि तेजस के साथ कई वॉरियर ड्रोन को संचालित किया जा सकेगा। ड्रोन के पीछे आइडिया है कि हर हवाई मिशन पूरी तरह सफल रहे और पायलट की जिंदगी सुरक्षित रहे। लिहाजा पायलट के साथ ड्रोन की पूरी कमांड रहेगी, जो उसके सुरक्षा कवच का काम करेगी।
वॉरियर ड्रोन मिसाइलों से होगा लैस
वॉरियर हवा से हवा में और हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस होगा, ताकि हवा और जमीन दोनों जगह पर दुश्मन को जवाब दिया जा सके। इसकी एक खासियत ये भी है कि ये ड्रोन आपात स्तिथि में सेल्फ ऑपरेट भी कर सकता है, स्वदेशी लड़ाकू की ढाल बनने के साथ साथ वॉरियर दुश्मन को मुँह तोड़ जवाब देने में भी सक्षम होगा।