Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 25 Mar, 2025 06:09 AM

उत्तर प्रदेश के लाखों अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। अब बिना बर्थ सर्टिफिकेट के भी बच्चों की अपार आईडी (Apaar ID) बनाई जा सकेगी। सोमवार को स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने इस संबंध में सभी बेसिक और माध्यमिक स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। इससे...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के लाखों अभिभावकों के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। अब बिना बर्थ सर्टिफिकेट के भी बच्चों की अपार आईडी (Apaar ID) बनाई जा सकेगी। सोमवार को स्कूल शिक्षा महानिदेशक ने इस संबंध में सभी बेसिक और माध्यमिक स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं। इससे नोएडा में करीब 2 लाख बच्चों की अपार आईडी आसानी से बनाई जा सकेगी।
क्या है अपार आईडी और क्यों है जरूरी?
अपार आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry - APAAR ID) एक 12 अंकों का विशिष्ट कोड है, जो छात्रों की शैक्षिक उपलब्धियों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रखने में मदद करता है। यह आईडी छात्र की पूरी शिक्षा यात्रा को डिजिटल रूप से ट्रैक करने के लिए विकसित की गई है।
अब बिना बर्थ सर्टिफिकेट भी बनेगी अपार आईडी
अब तक अपार आईडी बनाने के लिए बर्थ सर्टिफिकेट की अनिवार्यता थी, जिससे कई अभिभावकों को परेशानी हो रही थी। लेकिन अब शिक्षा महानिदेशक ने निर्देश जारी कर स्पष्ट किया है कि जिन बच्चों के पास बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है, उनके लिए आधार कार्ड को विकल्प के रूप में स्वीकार किया जाएगा।
स्कूलों को निर्देश, प्रक्रिया होगी आसान
महानिदेशक ने जिला विद्यालय निरीक्षकों और बेसिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया कि जिन छात्रों के पास बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है, उनकी अपार आईडी आधार कार्ड के विवरण के आधार पर बनाई जाए। यदि किसी छात्र के आधार कार्ड में नाम अलग है और बर्थ सर्टिफिकेट उपलब्ध है, तो यू-डाइस पोर्टल पर बर्थ सर्टिफिकेट के अनुसार ही नाम और जन्मतिथि दर्ज की जाएगी।
बच्चों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित
बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल पवार ने बताया कि अपार आईडी के माध्यम से बच्चों की शिक्षा से जुड़ी सभी जानकारी डिजिटल रूप में सहेजी जाएगी। यह आईडी छात्रों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और स्कूलों में नामांकन के लिए भी जरूरी होगी।
5 लाख बच्चों की आईडी बन चुकी, 2 लाख का इंतजार
अब तक नोएडा में 5 लाख से अधिक छात्रों की अपार आईडी बनाई जा चुकी है। इनमें सरकारी और निजी स्कूलों के छात्र शामिल हैं। हालांकि, अभी भी लगभग 2 लाख बच्चों की अपार आईडी बनाई जानी बाकी है। नई प्रक्रिया के लागू होने से अब इन छात्रों की आईडी जल्द बन सकेगी।
क्या होगा लाभ?
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बिना बर्थ सर्टिफिकेट के भी बच्चों की आईडी बनेगी।
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डिजिटल रिकॉर्ड से शिक्षा का सही डाटा रहेगा।
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सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
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स्कूलों में दाखिले और अन्य शैक्षिक प्रक्रियाओं में मदद मिलेगी।
अभिभावकों को क्या करना होगा?
अगर आपके बच्चे की अपार आईडी नहीं बनी है, तो संबंधित स्कूल से संपर्क करें। अगर बर्थ सर्टिफिकेट नहीं है, तो आधार कार्ड के माध्यम से अपार आईडी के लिए आवेदन करें।