Edited By Radhika,Updated: 27 Feb, 2025 11:21 AM

पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ पर ब्लॉग लिखकर इसे एकता का महायज्ञ बताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि यह देशवासियों की एकजुटता का भी उदाहरण बना।
नेशनल डेस्क: पीएम नरेंद्र मोदी ने प्रयागराज में सम्पन्न हुए महाकुंभ पर ब्लॉग लिखकर इसे एकता का महायज्ञ बताया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि यह देशवासियों की एकजुटता का भी उदाहरण बना। पीएम ने महाकुंभ के सफल आयोजन पर खुशी व्यक्त की और इसे एक अद्भुत अनुभव करार दिया।
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पीएम ने पोस्ट में लिखा-
'महाकुंभ संपन्न हुआ...एकता का महायज्ञ संपन्न हुआ। प्रयागराज में एकता के महाकुंभ में पूरे 45 दिनों तक जिस प्रकार 140 करोड़ देशवासियों की आस्था एक साथ, एक समय में इस एक पर्व से आकर जुड़ी, वो अभिभूत करता है! महाकुंभ के पूर्ण होने पर जो विचार मन में आए, उन्हें मैंने कलमबद्ध करने का प्रयास किया है…'
उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का जिक्र करते हुए कहा कि इसी प्रकार से महाकुंभ में भी पूरे देश ने एकजुट होकर संगम तट पर स्नान किया। संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाने का जो भावनात्मक ज्वार था, वह अनोखा था। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह आयोजन पूरे विश्व के लिए एक उदाहरण बन गया है, जिसे मैनेजमेंट और प्लानिंग के लिहाज से एक नया अध्ययन विषय माना जा सकता है।

संगम पर पहुंचे करोड़ों लोग-
प्रधानमंत्री ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर प्रशंसा करते हुए कहा कि इस तरह के विराट आयोजनों की दुनिया में कोई दूसरी मिसाल नहीं है। करोड़ों लोग बिना किसी निमंत्रण के स्वेच्छा से संगम तट पर पहुंचे, और पवित्र स्नान के बाद उनके चेहरों पर संतोष और आनंद की झलक थी।
उन्होंने इस बात की भी सराहना की कि महाकुंभ के दौरान लाखों लोग विभिन्न साधनों से संगम तक पहुंचे, जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग और दिव्यांग जन भी शामिल थे। यह सब उस महान भारतीय संस्कृति की मिसाल है, जो एकता, समरसता और प्रेम की भावना को जीवित रखे हुए है।