Edited By Mahima,Updated: 26 Feb, 2025 10:27 AM
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सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पठानकोट के ताशपतन इलाके में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास संदिग्ध गतिविधि देखी और एक घुसपैठिए को गोली मार दी। घुसपैठिए को सीमा पार करते देखा गया था, लेकिन BSF के जवानों ने उसे चुनौती दी, बावजूद इसके उसने आगे बढ़ने की कोशिश की।
नेशनल डेस्क: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बुधवार को बताया कि उसने पठानकोट सीमा क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सीमा (आईबी) के पास एक संदिग्ध घुसपैठिए को मार गिराया। बीएसएफ के अनुसार, आज सुबह तड़के उनके जवानों ने ताशपाटन बीओपी (बॉर्डर आउटपोस्ट) पर आईबी के पास संदिग्ध गतिविधि देखी। जब जवानों ने ध्यान से देखा, तो उन्हें एक व्यक्ति आईबी पार करते हुए दिखाई दिया। जवानों ने उसे चेतावनी दी और उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन घुसपैठिए ने उनकी चेतावनी नजरअंदाज की और आगे बढ़ता रहा। इसके बाद, सुरक्षा खतरे को देखते हुए बीएसएफ जवानों ने उसे गोली मार दी।
यह घटना सुबह के समय हुई, जब BSF के जवान अपनी नियमित पेट्रोलिंग पर थे। BSF के अधिकारियों ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए बताया कि इस संदिग्ध व्यक्ति को पहली बार बीओपी ताशपतन क्षेत्र के पास देखा गया, जो पठानकोट के आसपास स्थित अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब है। BSF ने घुसपैठिए को रोकने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन उसने सैनिकों की चेतावनी की अनदेखी की और सीमा पार करने की कोशिश करता रहा। BSF ने इसे एक गंभीर खतरे के रूप में पहचाना और अंततः उसे गोली मार दी।
BSF ने कहा कि घुसपैठिए की पहचान और उसके उद्देश्य का अभी तक पता नहीं चल पाया है। सुरक्षा बलों का कहना है कि इस घटना के बाद पाकिस्तान रेंजर्स के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा, ताकि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए दबाव डाला जा सके। BSF ने यह भी कहा कि सीमा सुरक्षा के लिए वह हमेशा तैयार हैं और किसी भी घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करने में सक्षम हैं। यह घटना उस दिन हुई जब भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार पाकिस्तानी सैनिकों पर जवाबी गोलीबारी की थी।
भारतीय सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए एलओसी के पार से की गई गोलीबारी का करारा जवाब दिया। इसके कुछ दिन पहले, 8 फरवरी को आतंकवादियों ने राजौरी के केरी सेक्टर में भारतीय सैनिकों पर हमला किया था, जिसे भारतीय सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। इसके अलावा, 4 और 5 फरवरी की मध्यरात्रि में पुंछ जिले के कृष्णा घाटी सेक्टर में बारूदी सुरंग में विस्फोट हुआ था, जिसमें आतंकवादी हताहत हुए थे, जो नियंत्रण रेखा पार करने की कोशिश कर रहे थे। पिछले साल मई से दिसंबर के बीच जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी हमलों में इजाफा देखा गया था। सुरक्षा बलों ने इस दौरान त्वरित कार्रवाई करते हुए 30 से ज्यादा आतंकवादियों को मार गिराया। BSF और अन्य सुरक्षा बलों ने इस क्षेत्र में आतंकवादियों के खिलाफ अपनी मुहिम को और तेज कर दिया है, खासकर जब कड़ाके की सर्दी शुरू हो चुकी है और सुरक्षा को लेकर खतरे की संभावना बढ़ गई है।