Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 28 Feb, 2025 02:13 PM

उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे पर काम कर रहे मजदूर अचानक हिमस्खलन के शिकार हो गए। बर्फबारी के बाद यह घटना घटी, जिसके कारण 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए थे। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के अनुसार, मजदूरों का कैंप ग्लेशियर के पास था
नेशनल डेस्क: उत्तराखंड के चमोली जिले में बद्रीनाथ हाईवे पर काम कर रहे मजदूर अचानक हिमस्खलन के शिकार हो गए। बर्फबारी के बाद यह घटना घटी, जिसके कारण 57 मजदूर बर्फ के नीचे दब गए थे। जिनकी खोज चल रही है। बीआरओ (सीमा सड़क संगठन) के अनुसार, मजदूरों का कैंप ग्लेशियर के पास था और ग्लेशियर टूटने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के तुरंत बाद सेना और आईटीबीपी की टीम रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गई है, लेकिन बर्फबारी के कारण रास्ते में बाधाएं आ रही हैं।
बीआरओ मेजर ने दी जानकारी
बीआरओ मेजर प्रतीक काले ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ग्लेशियर के टूटने से यह हादसा हुआ है और 57 मजदूरों के दबे होने की सूचना थी। मजदूरों को बाहर निकाला जा रहा है। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 मजदूरों को सुरक्षित निकाला गया है और अन्य मजदूरों को निकालने के प्रयास जारी हैं।
मौके पर सेना और आईटीबीपी रेस्क्यू में जुटे
चमोली जिले के डीएम डॉ. संदीप तिवारी ने कहा कि घटना के बाद सेना और आईटीबीपी के जवान मौके पर पहुंच गए हैं। उन्हें रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद करने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ को भी रवाना किया गया है। हालांकि हाईवे बंद होने के कारण इन दलों को मौके तक पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं। चमोली के माणा क्षेत्र में यह हादसा हुआ था, जो बद्रीनाथ माणा के पास स्थित है।
डीएम ने दी बारिश और बर्फबारी को लेकर अलर्ट
चमोली में हो रही बारिश और बर्फबारी के बाद जिलाधिकारी संदीप तिवारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बर्फबारी से प्रभावित सड़क मार्गों को जल्द से जल्द ठीक किया जाए ताकि यातायात को सुचारू किया जा सके। साथ ही, क्षतिग्रस्त विद्युत लाइनों को भी ठीक कर विद्युत आपूर्ति बहाल करने के आदेश दिए गए हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन में सेना और बीआरओ की टीम लगी हुई है
बीआरओ और गढ़वाल 9 ब्रिगेड की टीम इस रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई है। हालांकि बर्फबारी के कारण स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, लेकिन टीमों का प्रयास है कि जितना जल्दी हो सके, मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।