Edited By Rohini Oberoi,Updated: 26 Mar, 2025 10:04 AM

साल 1961 का समय था जब गुजरात में एक प्रेमी जोड़े ने परिवार से बगावत कर घर से भागने का फैसला लिया था। इन दोनों ने अपने प्यार के रास्ते को चुना और एक साथ शादी की। उस समय इनकी शादी समाज में बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाती थी क्योंकि वे अलग-अलग जातियों...
नेशनल डेस्क। साल 1961 का समय था जब गुजरात में एक प्रेमी जोड़े ने परिवार से बगावत कर घर से भागने का फैसला लिया था। इन दोनों ने अपने प्यार के रास्ते को चुना और एक साथ शादी की। उस समय इनकी शादी समाज में बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाती थी क्योंकि वे अलग-अलग जातियों से थे। लेकिन अब 80 साल की उम्र में यह बुजुर्ग जोड़ा एक बार फिर से शादी के बंधन में बंध गया है और इस बार उनके परिवार ने उनका साथ दिया।
इस अनोखी लव स्टोरी के protagonistas हैं हर्ष और मृदु। इस जोड़े ने 80 साल बाद अपनी 64वीं सालगिरह पर फिर से शादी की। उनके नाती-पोतियों और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर इस खास पल को और भी यादगार बना दिया। हर्ष और मृदु की लव स्टोरी 1960 के दशक में शुरू हुई थी जब भारतीय समाज में जातिवाद और समुदाय की दीवारें बहुत मजबूत थीं।
परिवार से बगावत कर शादी की शुरुआत
हर्ष जैन थे और मृदु ब्राह्मण। दोनों की मुलाकात स्कूल में हुई थी और धीरे-धीरे चिट्ठियों के जरिए उनका प्यार बढ़ता गया लेकिन जब मृदु के परिवार को इस बारे में पता चला तो उन्होंने इसका विरोध किया। समाज के दबाव के कारण हर्ष और मृदु के सामने यह मुश्किल फैसला था कि वे अपने परिवार की इच्छाओं के खिलाफ जाकर एक साथ अपना जीवन बिताएंगे।
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दोनों ने समाज की बंदिशों को तोड़ा और परिवार से बगावत कर एक-दूसरे के साथ अपना जीवन शुरू किया। दोनों ने बिना किसी सहारे के अपने प्यार और हिम्मत से एक नई जिंदगी बनाई। उनके संघर्ष और प्यार की कहानी उनके बच्चों और नाती-पोतों को सुनाई गई और यही कहानी आज भी जिंदा है।

64वीं सालगिरह पर फिर से शादी
हर्ष और मृदु की 64वीं शादी की सालगिरह पर उनके नाती-पोतियों ने उनके लिए एक शानदार सरप्राइज तैयार किया। इस दिन को खास बनाने के लिए परिवार ने उन्हें अलग किया ताकि वे अपनी शादी की तैयारी कर सकें। यह पहली बार था जब हर्ष और मृदु इस तरह से अलग हुए। समारोह में उन रस्मों को दोहराया गया जो उनकी जवानी में नहीं हो पाई थीं। इस दिन हर्ष और मृदु ने अग्नि के चारों ओर सात फेरे लिए और अपने वादों को फिर से दोहराया।

शादी का लुक और भावनाएं
इस शादी के दिन मृदु ने गुजरात की मशहूर घरचोला साड़ी पहनी थी जबकि हर्ष ने खादी कुर्ता-पजामा पहना और साथ में मैचिंग पगड़ी और सफेद-डार्क ब्राउन शॉल डाला। इस शादी में दोनों ने वही प्यार और विश्वास दिखाया जो उनके जीवन का आधार रहा।

जैसे ही मृदु ने लाल साड़ी पहनकर वरमाला डाली हर्ष ने उन्हें प्यार से देखा और इस शादी के दिन उन्होंने वही रोमांस और भावनाएं महसूस कीं जैसे वे पहले दिन करते थे। उनके परिवार ने तालियों के साथ उनका स्वागत किया और यह दिन सिर्फ उनकी शादी की सालगिरह नहीं बल्कि उनके प्यार की जीत का जश्न था।
यह अनोखी लव स्टोरी यह दिखाती है कि सच्चा प्यार समय की दीवारों को तोड़ सकता है। हर्ष और मृदु का प्यार जो 64 साल पहले शुरू हुआ था आज भी उतना ही मजबूत और सुंदर है। इस जोड़े ने समाज की परंपराओं और बंधनों को चुनौती दी और अपना प्यार पूरे विश्वास के साथ जीया। 80 की उम्र में उनकी शादी एक प्रेरणा है कि प्यार कभी पुराना नहीं होता।