Edited By Parminder Kaur,Updated: 24 Feb, 2025 05:35 PM

राजस्थान के झालावाड़ जिले के एक गांव में रविवार को बोरवेल में गिरने वाले पांच वर्षीय बच्चे को करीब 16 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सोमवार तड़के मृत अवस्था में बाहर निकाला गया। इस बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF)...
नेशनल डेस्क. राजस्थान के झालावाड़ जिले के एक गांव में रविवार को बोरवेल में गिरने वाले पांच वर्षीय बच्चे को करीब 16 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद सोमवार तड़के मृत अवस्था में बाहर निकाला गया। इस बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमें शामिल थीं।
बच्चे की पहचान और घटनास्थल पर बचाव अभियान
गंगधर के उपखंड अधिकारी (एसडीएम) छतरपाल चौधरी के अनुसार, NDRF और SDRF की टीमों ने सोमवार सुबह करीब चार बजे बच्चे को बोरवेल से बाहर निकाला। चिकित्सकों ने जांच के बाद बच्चे को मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद शुरू हुआ बचाव कार्य
इस घटना के लगभग एक घंटे बाद ही स्थानीय संसाधनों की मदद से बचाव अभियान शुरू कर दिया गया था। NDRF और SDRF की टीमों भी घटनास्थल पर पहुंच गई थीं और बच्चे को बचाने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही थी। पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) जयप्रकाश अटल ने बताया कि बच्चे को पाइप के जरिए ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही थी, लेकिन वह बच नहीं सका।
मृतक की पहचान और परिजनों की स्थिति
मृतक की पहचान परलिया गांव (थाना डुग) के निवासी कलूलाल बागरिया के पुत्र प्रह्लाद के रूप में हुई है, जब यह हादसा हुआ उस समय बच्चे के माता-पिता खेत के दूसरे छोर पर काम में व्यस्त थे।
पुलिस जांच और पोस्टमार्टम
इस दुखद घटना के बाद बच्चे के माता-पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और शव का पोस्टमार्टम भी किया जा रहा है। यह हादसा गांव में शोक का कारण बन गया है।