Edited By Anu Malhotra,Updated: 29 Mar, 2025 04:23 PM

दिल्ली-एनसीआर में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है, जहां एक नया और आधुनिक शहर बसाने की योजना बनाई गई है। इस शहर का उद्देश्य न केवल जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करना है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना के तहत 144...
नेशनल डेस्क: दिल्ली-एनसीआर में विकास की नई गाथा लिखी जा रही है, जहां एक नया और आधुनिक शहर बसाने की योजना बनाई गई है। इस शहर का उद्देश्य न केवल जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न करना है। इस महात्वाकांक्षी परियोजना के तहत 144 गांवों की 55,970 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा, और इस क्षेत्र में अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
नई परियोजना को मिली मंजूरी:
ग्रेटर नोएडा फेस 2 के रूप में इस शहर का विकास किया जाएगा, और इसे उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ टाउन एंड कंट्री प्लानर ने हरी झंडी दे दी है। इस शहर में रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रोजेक्ट्स के साथ-साथ शॉपिंग सेंटर और शिक्षा व स्वास्थ्य संस्थान भी विकसित होंगे।
कैसा होगा यह नया शहर?
इस प्रोजेक्ट का मास्टर प्लान काफी विस्तृत है, जिसमें रेजिडेंशियल एरिया के लिए 17% और कमर्शियल हब के लिए 4.8% जमीन का आरक्षण किया गया है। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों के विकास के लिए हरा-भरा क्षेत्र और ट्रांसपोर्ट सुविधाएं भी होंगी।
निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर:
इस परियोजना की शुरुआत से न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि निवेशकों को भी आकर्षित किया जाएगा। ग्रेटर नोएडा फेज 2 की कनेक्टिविटी और अन्य विकास कार्यों के चलते यह क्षेत्र निवेश के लिए एक आकर्षक स्थल बन सकता है।