Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 02 Apr, 2025 09:38 PM
टेस्टोस्टेरॉन पुरुषों के लिए बेहद जरूरी हॉर्मोन है, जो न सिर्फ उनकी शारीरिक बनावट बल्कि मानसिक और यौन स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। उम्र बढ़ने या कुछ अन्य कारणों से इस हॉर्मोन का स्तर गिर सकता है, जिससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आइए जानते...
नेशनल डेस्क: टेस्टोस्टेरॉन पुरुषों के लिए बेहद जरूरी हॉर्मोन है, जो न सिर्फ उनकी शारीरिक बनावट बल्कि मानसिक और यौन स्वास्थ्य को भी प्रभावित करता है। उम्र बढ़ने या कुछ अन्य कारणों से इस हॉर्मोन का स्तर गिर सकता है, जिससे कई समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आइए जानते हैं टेस्टोस्टेरॉन की कमी के लक्षण, कारण और इसे ठीक करने के तरीके।
टेस्टोस्टेरॉन क्या है और क्यों जरूरी है?
टेस्टोस्टेरॉन एक मेल सेक्स हॉर्मोन है, जो पुरुषों के प्रजनन और संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए बहुत अहम भूमिका निभाता है। यह हॉर्मोन अंडकोष में बनता है और शरीर में कई बदलाव लाने का काम करता है, जैसे:
हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ-साथ टेस्टोस्टेरॉन का स्तर घटने लगता है, जिससे पुरुषों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
टेस्टोस्टेरॉन की कमी के कारण
पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन लेवल कम होने के कई कारण हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
अंडकोष या पिट्यूटरी ग्लैंड में समस्या: शरीर में टेस्टोस्टेरॉन के निर्माण में ये दोनों अहम भूमिका निभाते हैं, इनमें गड़बड़ी होने से हॉर्मोन की कमी हो सकती है।
वजन अधिक होना: मोटापे से ग्रस्त पुरुषों में टेस्टोस्टेरॉन का स्तर गिर सकता है।
तनाव और डिप्रेशन: लगातार तनाव में रहने या एंग्जायटी की समस्या से भी यह हॉर्मोन प्रभावित हो सकता है।
बढ़ती उम्र: 30-40 की उम्र के बाद टेस्टोस्टेरॉन का लेवल धीरे-धीरे कम होने लगता है।
शारीरिक गतिविधियों की कमी: व्यायाम न करने और सुस्त जीवनशैली अपनाने से भी टेस्टोस्टेरॉन का स्तर गिर सकता है।
पोषण की कमी: सही खानपान न होने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है, जिससे टेस्टोस्टेरॉन प्रभावित होता है।
टेस्टोस्टेरॉन की कमी के लक्षण
अगर आपके शरीर में टेस्टोस्टेरॉन की कमी हो रही है, तो आपको ये लक्षण महसूस हो सकते हैं:
सेक्स ड्राइव में कमी: पुरुषों की यौन इच्छा (libido) में गिरावट आ सकती है।
इरेक्टाइल डिसफंक्शन: लिंग का सही से काम न करना या संभोग के दौरान कठिनाई महसूस होना।
थकान और कमजोरी: शरीर में हर समय सुस्ती और ऊर्जा की कमी महसूस होना।
मांसपेशियों और हड्डियों में कमजोरी: मसल्स कम होना और हड्डियों का कमजोर महसूस होना।
स्पर्म काउंट में गिरावट: प्रजनन क्षमता में कमी आ सकती है।
बाल झड़ना: दाढ़ी-मूंछ और सिर के बाल पतले होने लगते हैं।
डिप्रेशन और चिड़चिड़ापन: मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है, मूड स्विंग्स और डिप्रेशन की संभावना बढ़ सकती है।
टेस्टोस्टेरॉन लेवल कैसे बढ़ाएं?
अगर आपके शरीर में टेस्टोस्टेरॉन की कमी हो रही है, तो इन उपायों को अपनाकर इसे बढ़ाया जा सकता है:
एक्सरसाइज़ करें: रोजाना वर्कआउट करने से टेस्टोस्टेरॉन लेवल नेचुरली बढ़ सकता है।
पौष्टिक आहार लें: विटामिन D, जिंक और हेल्दी फैट्स से भरपूर चीजें खाएं, जैसे अंडे, नट्स, हरी सब्जियां, मछली और बीज।
अच्छी नींद लें: कम से कम 7-8 घंटे की गहरी नींद लें, इससे हॉर्मोन बैलेंस बना रहता है।
तनाव से बचें: मेडिटेशन, योग और म्यूजिक सुनने से स्ट्रेस कम कर सकते हैं।
वजन नियंत्रित रखें: हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज से शरीर के वजन को बैलेंस रखें।
अल्कोहल और स्मोकिंग से बचें: शराब और धूम्रपान टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को कम कर सकते हैं।
अगर लाइफस्टाइल में बदलाव करने के बावजूद टेस्टोस्टेरॉन की कमी बनी रहती है, तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
कैसे पता करें कि टेस्टोस्टेरॉन की कमी है?
टेस्टोस्टेरॉन लेवल की जांच के लिए ब्लड टेस्ट किया जाता है, जिसे टोटल टेस्टोस्टेरॉन टेस्ट कहा जाता है। अगर आपको ऊपर बताए गए लक्षण महसूस हो रहे हैं, तो बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर जांच के बाद आपको सही इलाज की सलाह देंगे।