Edited By Parveen Kumar,Updated: 11 Oct, 2024 08:45 PM
संस्कारधानी जबलपुर में एक शख्स हैं, संतोष नामदेव, जिन्हें लोग लंकेश के नाम से जानते हैं। वे पिछले 49 साल से रावण की पूजा कर रहे हैं। जबकि पूरे देश में नवरात्रि के दौरान लोग मां दुर्गा की पूजा कर रहे हैं, लंकेश रावण की आराधना में लीन हैं।
नेशनल डेस्क : संस्कारधानी जबलपुर में एक शख्स हैं, संतोष नामदेव, जिन्हें लोग लंकेश के नाम से जानते हैं। वे पिछले 49 साल से रावण की पूजा कर रहे हैं। जबकि पूरे देश में नवरात्रि के दौरान लोग मां दुर्गा की पूजा कर रहे हैं, लंकेश रावण की आराधना में लीन हैं।
रावण की भक्ति का सफर
संतोष नामदेव, जो पाटन के गांव में टेलर हैं, ने बताया कि बचपन में रामलीला देखने जाते थे। उन्होंने वहां सैनिक का किरदार निभाया और बाद में रावण का रोल भी किया। इसी दौरान वे रावण की भक्ति से प्रभावित हुए। उनका मानना है कि रावण में बुराई जरूर थी, लेकिन उन्होंने अच्छाइयों को आगे बढ़ाने का फैसला किया।
रावण की भक्ति से पूरी हुईं मनोकामनाएं
लंकेश ने कहा कि रावण की भक्ति से उनकी सारी इच्छाएं पूरी हुई हैं। उनकी भक्ति को देखकर गांव के लोग भी प्रभावित हुए हैं, और अब रावण की धूमधाम से शोभायात्रा भी निकाली जाती है। वे बताते हैं कि रावण एक विद्वान और ज्ञानी थे, और जो भी उन्होंने किया, वह अपने राक्षस कुल को तारने के लिए किया।