Edited By Tanuja,Updated: 22 Feb, 2025 06:54 PM
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शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने शुक्रवार को चीन के प्रमुख जिंगान मंदिर का दौरा किया और वहां 15 टन वजन वाली एवं चांदी से बनी बुद्ध प्रतिमा की पूजा-अर्चना की...
Bejing: शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने शुक्रवार को चीन के प्रमुख जिंगान मंदिर का दौरा किया और वहां 15 टन वजन वाली एवं चांदी से बनी बुद्ध प्रतिमा की पूजा-अर्चना की। वाणिज्य दूतावास ने ‘एक्स' एक पोस्ट में कहा, ‘‘मंदिर के प्रमुख या यून ने माथुर का गर्मजोशी से स्वागत किया। वह (यून) शिंगोन संप्रदाय से हैं, जिसका ताल्लुक भारत के बौद्ध धर्म गुरुओं के वंश से है।'' शंघाई शहर के मध्य में स्थित इस मंदिर का भारत से गहरा जुड़ाव है, जो इसकी वास्तुकला में भी झलकता है।''
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पोस्ट में कहा गया है कि झेंगफा जिउझू ब्रह्म ब्लॉक की उत्पत्ति भारत के राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ से हुई है, जबकि जिंगान पैगोडा बोधगया की वास्तुकला से प्रेरित है। इसमें कहा गया है कि 247 ईस्वी में निर्मित यह मंदिर बौद्ध परंपराओं का ‘‘स्थायी'' प्रतीक बना हुआ है। माथुर 2007 बैच के भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी हैं। उन्होंने पिछले महीने शंघाई में भारत के महावाणिज्य दूत का पदभार संभाला था।