Edited By rajesh kumar,Updated: 26 Feb, 2025 04:22 PM

अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो गोल्ड ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। गोल्ड ETF में निवेश करने पर न तो आपको मेकिंग चार्ज देना होता है और न ही GST। गोल्ड ETF के जरिए आप गोल्ड बुलियन (सोने के शुद्ध रूप) में निवेश...
नई दिल्ली: जहां शेयर बाजार में गिरावट देखी जा रही है, वहीं सोने की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। मंगलवार को दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोने की कीमत में 300 रुपए की तेजी आई और सोने का भाव 88,500 रुपए प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। इसके बाद, अगले दिन सोने की कीमतें और बढ़कर 89,350 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गईं। अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने इस जानकारी की पुष्टि की है।
सोने के बढ़ते भाव के साथ GST और मेकिंग चार्ज में भी इजाफा
सोने की कीमतों में वृद्धि के साथ-साथ मेकिंग चार्ज और GST में भी बढ़ोतरी हो रही है, जिससे खरीदारों की परेशानियां बढ़ गई हैं। उदाहरण के तौर पर, यदि आप 80,000 रुपए की गोल्ड चेन खरीदते हैं, जिस पर 15% मेकिंग चार्ज है, तो आपको मेकिंग चार्ज के तौर पर 12,000 रुपए और 3% GST के रूप में 2400 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। इस तरह, 80,000 रुपए की चेन की कुल कीमत अब 94,400 रुपए हो जाएगी।
गोल्ड ETF: निवेश का सबसे अच्छा तरीका
अगर आप सोने में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो गोल्ड ETF (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड) एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है। गोल्ड ETF में निवेश करने पर न तो आपको मेकिंग चार्ज देना होता है और न ही GST। गोल्ड ETF के जरिए आप गोल्ड बुलियन (सोने के शुद्ध रूप) में निवेश करते हैं, और इसकी एक यूनिट 1 ग्राम 24 कैरेट सोने के बराबर होती है।
गोल्ड ETF में निवेश से ज्यादा फायदा
गोल्ड ETF में निवेश करने का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें सोने के भाव के साथ-साथ कीमत बढ़ती और घटती रहती है, ठीक उसी तरह जैसे फिजिकल गोल्ड में। लेकिन गोल्ड ETF में आपको फिजिकल गोल्ड के मुकाबले ज्यादा मुनाफा मिल सकता है। फिजिकल गोल्ड बेचने पर आपको केवल गोल्ड की वैल्यू मिलती है, जबकि GST और मेकिंग चार्ज पर खर्च हुआ पैसा रिटर्न में नहीं मिलता। वहीं, गोल्ड ETF में GST और मेकिंग चार्ज नहीं लगता, जिससे यह निवेश का सबसे फायदेमंद तरीका बन जाता है।