Edited By Rahul Rana,Updated: 29 Mar, 2025 04:25 PM

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने संसद में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर दिया है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा को अवरुद्ध किया है। प्रियंका गांधी ने यह आरोप...
नेशनल डेस्क: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने शनिवार को केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने संसद में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर कर दिया है और महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा को अवरुद्ध किया है। प्रियंका गांधी ने यह आरोप मीडिया से बातचीत के दौरान लगाया और कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न हथकंडों का इस्तेमाल करती है ताकि चर्चा से बचा जा सके।
विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने का आरोप
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि सरकार की नीति रही है कि किसी भी तरीके से विपक्षी नेताओं को बोलने से रोका जाए या फिर ऐसी बातें न उठाई जाएं जिन पर विपक्ष विरोध कर सकता है। उनका कहना था कि केंद्र सरकार संसद में किसी भी सार्थक चर्चा को न होने देने के लिए विपक्ष के नेताओं को बोलने की अनुमति नहीं देती है, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गंभीर नुकसान हो रहा है।

सरकार पर खुद संसद में हंगामा करने का आरोप
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार स्वयं संसद में हंगामा कर रही है और कार्यवाही को बाधित कर रही है। उनका कहना था कि विपक्ष पर अक्सर संसद में हंगामा करने और कार्यवाही को रोकने का आरोप लगाया जाता है, लेकिन इस सरकार के कार्यकाल में सरकार स्वयं ही संसद की कार्यवाही में रुकावट डाल रही है, जो एक चिंताजनक स्थिति है।
लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खतरे में डालने की चेतावनी
प्रियंका गांधी ने इस प्रकार की स्थिति को न केवल सांसदों के लिए दुखद बताया, बल्कि इसे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरे की घंटी भी करार दिया। उनका कहना था कि अगर सरकार इस तरह की कार्यवाही करती रही, तो यह देश की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है।

दिशा समिति की बैठक में शामिल हुईं प्रियंका गांधी
इससे पहले प्रियंका गांधी ने कलपेट्टा स्थित कलेक्ट्रेट में जिला स्तरीय समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में भाग लिया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में प्रियंका ने विभिन्न सरकारी योजनाओं और उनकी प्रभावशीलता पर विचार-विमर्श किया।