Edited By Anu Malhotra,Updated: 29 Mar, 2025 03:41 PM

अगर आप भी रेस्टोरेंट में खाना खाते वक्त अपने बिल में सर्विस चार्ज देखकर हैरान हो जाते हैं, तो अब आपको राहत मिल सकती है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि रेस्टोरेंट्स अब अपने मन से बिल में सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते।...
नेशनल डेस्क: अगर आप भी रेस्टोरेंट में खाना खाते वक्त अपने बिल में सर्विस चार्ज देखकर हैरान हो जाते हैं, तो अब आपको राहत मिल सकती है। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा है कि रेस्टोरेंट्स अब अपने मन से बिल में सर्विस चार्ज नहीं जोड़ सकते। इस फैसले के साथ ही ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
दरअसल, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जुलाई 2022 में दिशा-निर्देश जारी किए थे, जिसमें कहा गया था कि रेस्टोरेंट्स को ग्राहकों से जबरदस्ती सर्विस चार्ज नहीं वसूलने का अधिकार नहीं है। कुछ रेस्टोरेंट्स ने इस फैसले को चुनौती दी थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे सही ठहराया और कहा कि सर्विस चार्ज देना ग्राहकों की इच्छा पर निर्भर करता है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह तरीका गलत व्यापार करने के समान है, और ग्राहकों को इस बारे में पूरी स्वतंत्रता होनी चाहिए।
इस फैसले के बाद, अगर रेस्टोरेंट्स अपने बिल में बिना किसी सूचना के सर्विस चार्ज जोड़ते हैं, तो ग्राहक अदालत के आदेश का हवाला दे सकते हैं। इससे रेस्टोरेंट में खाने का खर्च थोड़ा कम हो सकता है, और ग्राहकों को अपनी पसंद के हिसाब से टिप देने का अधिकार मिलेगा।