Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 28 Feb, 2025 10:44 AM
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फरवरी 2025 ने निवेशकों के लिए एक कठिन समय साबित किया है। बाजार में भारी गिरावट ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को चौंका दिया। विशेष रूप से, 28 फरवरी 2025 को, जब बाजार खुला, तो निवेशकों ने एक बड़ी मंदी का सामना किया।
बिजनेस डेस्क: फरवरी 2025 ने निवेशकों के लिए एक कठिन समय साबित किया है। बाजार में भारी गिरावट ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को चौंका दिया। विशेष रूप से, 28 फरवरी 2025 को, जब बाजार खुला, तो निवेशकों ने एक बड़ी मंदी का सामना किया। शुरुआती कारोबार में ही बीएसई (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप 6.64 लाख करोड़ रुपये घट गया, जो कि एक बड़ा नुकसान है। इस गिरावट ने निवेशकों के चेहरे पर चिंता के निशान छोड़ दिए हैं।
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बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 में गिरावट
सेंसेक्स (BSE Sensex) में 843.27 प्वाइंट्स यानी 1.13% की गिरावट आई और यह 73769.16 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 255.75 प्वाइंट्स यानी 1.13% गिरकर 22289.30 पर पहुंच गया। इस दिन की गिरावट ने घरेलू निवेशकों को नुकसान में डाल दिया और कई क्षेत्रों में निवेशकों की पूंजी उड़ गई।
अमेरिकी टैरिफ फैसले ने बढ़ाई चिंता
मार्केट पर दबाव का एक मुख्य कारण अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा टैरिफ के समय से संबंधित फैसला था। ट्रंप ने यह तय किया कि अमेरिका 4 मार्च और 2 अप्रैल से अपने टैरिफ को लागू करेगा। इस फैसले का असर दुनिया भर के बाजारों पर पड़ा और इससे निवेशकों का विश्वास डगमगाया।
ऑटो और आईटी सेक्टर पर सबसे ज्यादा दबाव
निफ्टी के सभी सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली। खासतौर पर ऑटो और आईटी सेक्टर पर दबाव था, जिनके निफ्टी इंडेक्स में 2-2 फीसदी की गिरावट आई। इससे उन कंपनियों के शेयरों में भी कमजोरी आई, जिनका संबंधित सेक्टर से सीधा संबंध था।
सेंसेक्स पर रिलायंस का मामूली उछाल
सेंसेक्स पर यदि कोई स्टॉक हरे निशान में था, तो वह रिलायंस इंडस्ट्रीज का स्टॉक था। हालांकि, यह तेजी बहुत मामूली थी और बाजार में किसी बड़े बदलाव का संकेत नहीं मिल रहा था। वहीं, इंडसइंड बैंक, एमएंडएम और टेक महिंद्रा जैसे स्टॉक्स में भारी गिरावट आई है, जिसने निवेशकों को और अधिक चिंतित किया।
बीएसई पर शेयरों की स्थिति
बीएसई पर 28 फरवरी को कुल 3263 शेयरों में ट्रेडिंग हो रही थी। इनमें से 544 शेयर मजबूत रहे, जबकि 2599 शेयर लाल निशान में थे। इसके अलावा, 17 शेयर एक साल के हाई स्तर पर थे, जबकि 590 शेयर एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गए थे। इस स्थिति से यह साफ है कि बाजार में अस्थिरता बढ़ गई है और निवेशकों को सावधानी से निवेश करना जरूरी है।