Edited By Mahima,Updated: 20 Feb, 2025 10:17 AM

कासगंज में एक दारोगा शराब के नशे में महिला के साथ शर्मनाक हरकत करता दिखा। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस प्रशासन ने तत्काल उसे निलंबित कर दिया और विभागीय जांच के आदेश दिए। इस घटना ने यूपी पुलिस की छवि को धूमिल किया है और सवाल उठाया है कि अगर सुरक्षा...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बेहद शर्मनाक घटना का वीडियो सामने आया है, जिसमें एक पुलिस दारोगा शराब के नशे में धुत होकर एक महिला के साथ आपत्तिजनक हरकत करता हुआ दिखाई दे रहा है। यह घटना एसपी ऑफिस के पास हुई, और सड़क पर खुलेआम यह दारोगा कानून की धज्जियां उड़ा रहा था। वीडियो में यह दारोगा महिला से बेहूदगी करता हुआ साफ दिखाई दे रहा है, और उसकी टोपी सड़क पर पड़ी हुई है, जो यह साबित करता है कि वह नशे में पूरी तरह से चूर था।
वीडियो में दारोगा के साथ उसकी पत्नी भी थी, हालांकि वह महिला को कोई मदद नहीं कर रही थी। जब राहगीरों ने दारोगा की हरकतों पर सवाल उठाए और उसे टोका, तो वह अपनी पहचान छिपाने के लिए यह कहते हुए मुंह खोलता है कि उसने बरेली का निवासी होने का दावा किया और यह तक कह दिया कि उसने "फर्जी वर्दी" पहनी हुई है। उसका यह बयान यह स्पष्ट करता है कि वह अपनी ग़लत हरकतों को छुपाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता था।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, और जब यह पुलिस प्रशासन के संज्ञान में आया, तो उन्होंने तत्काल कार्रवाई की। कासगंज की एसपी अंकिता शर्मा ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी दारोगा को निलंबित कर दिया। साथ ही, विभागीय जांच के आदेश भी दिए गए हैं। एएसपी राजेश भारती ने बताया कि यह दारोगा पुलिस लाइन में तैनात था, और इस शर्मनाक घटना में उसकी पत्नी भी मौजूद थी।
इस घटना ने यूपी पुलिस की छवि को गंभीर रूप से नुकसान पहुँचाया है और इसने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है कि यदि पुलिसकर्मी खुद इस प्रकार के कृत्य करेंगे, तो आम जनता को कानून का पालन करने के लिए कौन प्रेरित करेगा? यह घटना न केवल पुलिस महकमे के लिए बल्कि समाज के लिए भी एक चिंताजनक संकेत है, क्योंकि पुलिसकर्मी को कानून का पालन करने का आदर्श बनना चाहिए, न कि कानून तोड़ने वाला। सवाल यह भी उठता है कि जब रक्षक ही इस तरह से अपनी जिम्मेदारियों को नजरअंदाज करेंगे, तो आम जनता से क्या उम्मीद की जा सकती है। इस मामले में पुलिस प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं, लेकिन यह घटना यूपी पुलिस की छवि को सुधारने के लिए एक बड़ी चुनौती बन चुकी है।