Edited By Mahima,Updated: 26 Feb, 2025 09:36 AM
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भारत 2025 तक अपनी पहली मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च करने की योजना बना रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने यह जानकारी दी। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में अभूतपूर्व प्रगति हो रही है, और सरकार ने इस...
नेशनल डेस्क: भारत अपने इतिहास में पहली बार 2025 तक मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप लॉन्च करने की तैयारी कर रहा है। यह बड़ी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित 'ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट 2025' के दूसरे दिन दी। उन्होंने वीडियो कॉल के जरिए इस महत्वपूर्ण घोषणा को साझा किया। उनका कहना था कि भारत इस साल के अंत तक अपनी मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर चिप का प्रोडक्शन शुरू करने जा रहा है, जो देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
अश्विनी वैष्णव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में हुई महत्वपूर्ण प्रगति के बारे में भी बताया। उन्होंने खास तौर पर मध्यप्रदेश का उल्लेख किया, जहां इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का कार्य तेजी से बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने भोपाल और जबलपुर में दो इलेक्ट्रॉनिक विनिर्माण क्लस्टरों की मंजूरी दी है, जो इस क्षेत्र में और भी तेजी ला रहे हैं। इस समय, मध्यप्रदेश में 85 कंपनियां सक्रिय रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में काम कर रही हैं।
भारत में सेमीकंडक्टर चिप का महत्व
सेमीकंडक्टर चिप एक छोटा लेकिन अत्यधिक महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट होता है, जो हमारे आधुनिक उपकरणों और तकनीकी प्रणालियों का अहम हिस्सा बन चुका है। यह चिप सिलिकॉन जैसे सेमीकंडक्टर सामग्री से बनती है और इसमें इंटीग्रेटेड सर्किट (IC) होते हैं। इन चिप्स का उपयोग प्रोसेसिंग, मेमोरी स्टोरेज और सिग्नल एम्प्लीफिकेशन जैसी कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में किया जाता है। इन चिप्स में माइक्रोप्रोसेसर, मेमोरी चिप्स (RAM, फ्लैश स्टोरेज), और ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) जैसी तकनीकी सुविधाएं मौजूद होती हैं। आज के समय में, ये चिप्स स्मार्टफोन, लैपटॉप, टेलीकॉम उपकरण, ऑटोमोबाइल्स, और कई अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसों का अहम हिस्सा बन चुकी हैं।
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर पिछले कुछ वर्षों में अभूतपूर्व विकास की ओर बढ़ा है। आज, भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर 10 लाख करोड़ रुपये के मूल्य तक पहुंच चुका है। इसके अलावा, भारत 2.5 लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपोर्ट करता है, जिसमें प्रमुख रूप से मोबाइल (4 लाख करोड़ रुपये), लैपटॉप, सर्वर, टेलीकॉम उपकरण (75,000 करोड़ रुपये), और रक्षा एवं चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत के सबसे बड़े एक्सपोर्ट आइटम्स में से एक बन चुका है।
सेमीकंडक्टर चिप डेवलपमेंट में भारत की प्रगति
भारत ने सेमीकंडक्टर चिप के डेवलपमेंट में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है। वर्तमान में भारत में इस क्षेत्र में पांच अलग-अलग यूनिट्स पर काम चल रहा है। इसके अलावा, सरकार ने 85,000 इंजीनियरों को इस क्षेत्र में ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा है, ताकि सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में भारत और भी तरक्की कर सके।
भविष्य में भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन और नेतृत्व ने भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। यह सेक्टर अब केवल भारत के विकास में ही नहीं, बल्कि ग्लोबल मार्केट में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने मध्यप्रदेश की जनता को भी इस क्षेत्र में इस शानदार विकास के लिए बधाई दी। इससे यह स्पष्ट हो जाता है कि भारत अपनी सेमीकंडक्टर चिप और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।