Edited By Harman Kaur,Updated: 23 Aug, 2024 02:31 PM
गुजरात के कच्छ जिले के बाहरी इलाके में स्थित गांव मधापर (Madhapar) को एशिया (Asia) का सबसे अमीर गांव माना जाता है। इस गांव के निवासियों के पास कुल 7,000 करोड़ रुपए का फिक्स्ड डिपोजिट (Fixed Deposit) है, जो उनकी अमीरी की कहानी को बयां करता है।
नेशनल डेस्क: गुजरात के कच्छ जिले के बाहरी इलाके में स्थित गांव मधापर (Madhapar) को एशिया (Asia) का सबसे अमीर गांव माना जाता है। इस गांव के निवासियों के पास कुल 7,000 करोड़ रुपए का फिक्स्ड डिपोजिट (Fixed Deposit) है, जो उनकी अमीरी की कहानी को बयां करता है।
गांव में 17 बैंक हैं और...
मधापर में अधिकांश लोग पटेल समुदाय के हैं और यहां की जनसंख्या लगभग 32,000 के करीब है। गांव में कुल 17 बैंक हैं, जिनमें प्रमुख बैंक जैसे HDFC, SBI, PNB, Axis, ICICI and Union बैंक शामिल हैं। इतना ही नहीं, और भी बैंक यहां अपनी शाखाएं खोलने की कोशिश में हैं।
NRI परिवारों का योगदान
मधापर की समृद्धि का एक बड़ा कारण यहां के NRI (अनिवासी भारतीय) परिवार हैं। ये लोग हर साल गांव के स्थानीय बैंकों और डाकघरों में करोड़ों रुपए जमा करते हैं। गांव में लगभग 20,000 घर हैं और इनमें से लगभग 1,200 परिवार विदेश में हैं। जिनमें से ज्यादातक लोग अफ्रीकी देशों में रहते हैं।
'विदेश में रहते हैं लोग, लेकिन अपने पैसे को...'
सेंट्रल अफ्रीका में कंस्ट्रक्शन बिजनेस (Construction Business) में गुजरातियों का बड़ा हिस्सा है। इसके अलावा, कई लोग यूके, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और न्यूजीलैंड में भी बसे हुए हैं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष पारुल बेन कारा के अनुसार, लोग विदेश में रहते हुए भी अपने गांव से जुड़े रहते हैं और अपने गांव के बैंकों में ही पैसा जमा करवाना पसंद करते हैं।
'भारी फिक्स्ड डिपॉजिट के कारण अमीर बना गांव...'
गांव में अच्छी बुनियादी सुविधाएं हैं। यहां पानी, स्वच्छता और सड़क जैसी सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध हैं। गांव में आलीशान बंगले, सार्वजनिक और निजी स्कूल, झीलें और मंदिर भी हैं। एक राष्ट्रीयकृत बैंक के ब्रांच मैनेजर ने कहा कि भारी फिक्स्ड डिपॉजिट के कारण ही इस गांव की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत है। दरअसल, मधापर की समृद्धि और उसके पीछे का कारण इस गांव के निवासियों की मेहनत और दूरदर्शिता को दर्शाता है। यह कहानी इस बात का प्रमाण है कि एक छोटे से गांव में भी अगर सही दिशा और अवसर मिल जाएं, तो समृद्धि की ऊंचाइयों को छुआ जा सकता है।