ट्रेन गोलीबारी मामला: आरपीएफ के पूर्व कांस्टेबल को मानसिक बीमारी के कारण निगरानी में रखा गया

Edited By Rahul Rana,Updated: 27 Mar, 2025 03:20 PM

train firing case former rpf constable put under observation due

मुंबई के चलती ट्रेन में अपने वरिष्ठ और तीन यात्रियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल चेतनसिंह चौधरी को ‘‘साइकोसिस'' (एक गंभीर मानसिक बीमारी) के लिए निगरानी में रखा गया है। एक अस्पताल की रिपोर्ट में दावा किया गया। रेलवे...

नेशनल डेस्क: मुंबई के चलती ट्रेन में अपने वरिष्ठ और तीन यात्रियों की हत्या के आरोप में गिरफ्तार बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल चेतनसिंह चौधरी को ‘‘साइकोसिस'' (एक गंभीर मानसिक बीमारी) के लिए निगरानी में रखा गया है। एक अस्पताल की रिपोर्ट में दावा किया गया। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के पूर्व कर्मी का वर्तमान में ठाणे स्थित मनोरुग्णालय में उपचार किया जा रहा है। मामले की सुनवाई कर रही अदालत ने पहले ठाणे जेल प्रबंधन से उसकी स्थिति पर रिपोर्ट मांगी थी क्योंकि आरोपी उसकी हिरासत में है। इसके परिणामस्वरूप जेल प्रबंधन ने ठाणे स्थित मनोरुग्णालय के स्वास्थ्य समीक्षा बोर्ड द्वारा जारी एक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपी को 20 फरवरी को अस्पताल लाया गया था और ‘‘साइकोसिस के चलते निगरानी में है''। अस्पताल ने कहा कि उसे ‘‘असामान्य व्यवहार'' की शिकायत के चलते भर्ती कराया गया था तथा उसे एक और माह तक अस्पताल में रखने की आवश्यकता होगी। रिपोर्ट पर टिप्पणी में लिखा है कि ‘‘मरीज का उपचार किया जा रहा है और संबंधित चिकित्सकों द्वारा उसकी विभिन्न जांच की जा रही हैं''। 

इसमें कहा गया कि जांच के एक माह बाद ही विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध होगी। चौधरी (34) पर 31 जुलाई 2023 को पालघर के पास जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस में अपने वरिष्ठ, सहायक उपनिरीक्षक टीका राममीणा और तीन यात्रियों की अपने सरकारी हथियार से गोली मारकर हत्या करने का आरोप है। यात्रियों द्वारा चेन खींचे जाने के बाद जब ट्रेन मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर मीरा रोड स्टेशन के पास रुकी तो भागने की कोशिश कर रहे चौधरी को पकड़ लिया गया था और उसके पास से हथियार भी बरामद कर लिया गया था। वह तभी से जेल में है। चौधरी पर भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए, जिनमें 302 (हत्या), 153-ए (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास और भाषा के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के साथ-साथ रेलवे अधिनियम और महाराष्ट्र संपत्ति विरूपण रोकथाम अधिनियम के प्रावधान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरपीएफ के पूर्व कांस्टेबल ने अपने वरिष्ठ एएसआई मीणा और ट्रेन के ‘बी-पांच' डिब्बे में एक यात्री पर गोलियां चलाईं। इसके बाद उसने रसोई यान में एक दूसरे यात्री और एस-छह डिब्बे में एक अन्य यात्री को गोली मार दी।
 

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