उद्धव ठाकरे ने सरकार बनाने का पेश किया दावा, 28 नवंबर को लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

Edited By Updated: 27 Nov, 2019 04:34 AM

uddhav thackeray will take oath as chief minister on november 28

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को तीनों दलों के नेताओं ने विधायक दल का नेता चुन लिया है। उद्धव महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) की अगुवाई करेंगे। एनसीपी नेता जयंत पाटिल ने इसकी घोषणा की। महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी

नेशनल डेस्कः शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए नामित उद्धव ठाकरे मंगलवार रात राजभवन पहुंचे और महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिए दावा पेश किया। राज्यपाल ने उद्धव ठाकरे को 28 नवंबर को शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले शिवसेना के एक नेता ने बताया कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ शिवसेना, राकांपा और कांग्रेस के विधायक दलों के नेता भी साथ थे। उन्होंने बताया, ‘‘हम राज्यपाल के सामने सरकार गठन के दावे के लिए एक संयुक्त बयान पेश कर रहे हैं। हम जरूरी प्रक्रिया के तहत, तीनों दलों के सभी विधायकों के समर्थन का प्रमाण भी राज्यपाल को पेश करेंगे।''     
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महाराष्ट्र में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और शिवसेना विधायक दल की मंगलवार को यहां हुई बैठक में शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को नवगठित महाराष्ट्र विकास अघाडी का नेता चुन लिया गया और वह राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। राकांपा विधायक दल के नेता जयंत पाटिल ने तीनों दलों की संयुक्त विधायक दल की बैठक में ठाकरे को अघाडी का नेता नियुक्त किये जाने का प्रस्ताव किया जिसका सभी लोगों ने हाथ उठाकर समर्थन किया।       
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तीनों पाटिर्यों की यहां हुयी बैठक में राकांपा के नेता शरद पवार के अलावा सुप्रिया सुले, प्रफुल्ल पटेल, कांग्रेस पार्टी के बाला साहेब थोराट, अशोक चव्हाण और कई अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। शिवसेना के नेता संजय राउत और आदित्य ठाकरे भी बैठक में मौजूद थे। तीनो दल अब राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश करेंगे।       
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ठाकरे परिवार के पहले मुख्यमंत्री होंगे उद्धव
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे अपने परिवार के पहले ऐसे व्यक्ति होंगे, जो महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनेगा। उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र में शिवसेना-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा)-कांग्रेस के संयुक्त गठबंधन महा विकास अगाड़ी का नेतृत्व करने जा रहे हैं। उद्धव के पिता दिवगंत बाला साहेब ठाकरे द्वारा 1966 में स्थापित क्षेत्रीय पार्टी शिवसेना पहली बार कांग्रेस और राकांपा से एक साथ हाथ मिला रही है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद उद्धव ठाकरे को छह महीने के भीतर विधानसभा या विधान परिषद का चुनाव लड़कर जीतना होगा। उद्धव ने आज तक कभी चुनाव नहीं लड़ा है और वह दोनों में से किसी सदन के सदस्य नहीं हैं। उनके बेटे आदित्य ठाकरे, ठाकरे परिवार के पहले ऐसे सदस्य हैं, जिन्होंने पहली बार पिछले महीने वर्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीता था।

राज्य में हुए विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को 105 और शिवसेना को 56 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस-राकांपा ने संयुक्त रूप से 288 सीटों वाली विधानसभा में 98 सीटें जीती थीं। 27 जुलाई 1960 को जन्में उद्धव ने वर्ष 2012 में अपने पिता के निधन के बाद पार्टी की कमान संभाली थी। शिवसेना के मुखपत्र सामना का कार्यभार संभालने के बाद उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।

1999 में महाराष्ट्र में शिवसेना के मुख्यमंत्री नारायण राणे की कार्यशैली और प्रशासनिक योग्यता की उन्होंने खुले तौर पर आलोचना की. इसके बाद हुए विवाद में राणे को इस्तीफा देना पड़ा। बाद में राणे को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

उद्धव के नेतृत्व में शिवसेना को 2002 में बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनावों में भारी मतों से जीत मिली थी। वर्ष 2003 में उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उद्धव और उनके चचरे भाई राज ठाकरे के बीच 2006 में मतभेद के बाद राज ने अलग होकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन किया। उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे पार्टी की युवा शाखा युवासेना के अध्यक्ष हैं।

 

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