साड़ी के भीतर पेटीकोट पहनने से हो सकता है कैंसर, जानें कैसे बचें

Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 28 Jan, 2025 02:30 PM

wearing petticoat under saree can cause cancer

भारत में साड़ी पहनना आम बात है, और इसके साथ पेटीकोट का भी इस्तेमाल करना महिलाओं के लिए सामान्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह साधारण सा दिखने वाला कपड़ा आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है? जी हां, हाल ही में हुई एक स्टडी में पता चला है...

नेशनल डेस्क: भारत में साड़ी पहनना आम बात है, और इसके साथ पेटीकोट का भी इस्तेमाल करना महिलाओं के लिए सामान्य है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह साधारण सा दिखने वाला कपड़ा आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है? जी हां, हाल ही में हुई एक स्टडी में पता चला है कि पेटीकोट के कसकर बांधने से स्किन कैंसर (पेटीकोट कैंसर) हो सकता है। यह खबर सभी महिलाओं के लिए एक चेतावनी की तरह है, खासकर उन महिलाओं के लिए जो लंबे समय से साड़ी पहनने की आदत डाल चुकी हैं।

क्या है पेटीकोट कैंसर?
पेटीकोट कैंसर को स्क्वैमस सेल कार्सिनोमा (Squamous Cell Carcinoma) भी कहा जाता है, जो एक प्रकार का स्किन कैंसर है। इस कैंसर की शुरुआत पेटीकोट के नाड़े (लस्सी) के लगातार घिसने और स्किन के घर्षण से होती है। जब पेटीकोट को कसकर कमर के आसपास बांधा जाता है, तो स्किन पर दबाव और पसीने की वजह से त्वचा में जलन और घिसाव की समस्या उत्पन्न होती है, जो धीरे-धीरे कैंसर में बदल सकती है।

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पेटीकोट कैंसर क्यों होता है?
जब पेटीकोट का नाड़ा बहुत कसकर बांधा जाता है, तो यह स्किन पर दबाव डालता है। इसके चलते उस क्षेत्र में पसीना इकट्ठा हो जाता है और स्किन की सतह पर जलन हो सकती है। इस स्थिति में, स्किन का रंग बदल सकता है और धीरे-धीरे घाव या अल्सर बन सकते हैं। अगर इन अल्सरों का इलाज समय पर नहीं किया जाता, तो इनकी वजह से कैंसर उत्पन्न हो सकता है।

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पेटीकोट कैंसर के लक्षण
* पेटीकोट के एरिया में स्किन का रंग बदलना, जैसे कालापन या लालपन आना।
* उस जगह पर बार-बार खुजली और जलन महसूस होना।
* स्किन में गांठ महसूस होना।
* अल्सर या घाव बनना, जो दवाइयों से भी ठीक न हो।
* गांठों का आसपास के हिस्सों में फैलना और वहां से लगातार खून आना।


अगर आपको इन लक्षणों में से कोई भी समस्या हो रही हो, तो यह पेटीकोट कैंसर का संकेत हो सकता है, और आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

पेटीकोट कैंसर से बचाव और इलाज
इस कैंसर से बचने के लिए सबसे महत्वपूर्ण है कि बीमारी को पनपने से पहले ही रोका जाए। इसके लिए कुछ उपाय हैं:

* आरामदायक कपड़े पहनें: पेटीकोट को बहुत कसकर न बांधें और आरामदायक कपड़े पहनें।
* साफ-सफाई बनाए रखें: पसीने को बार-बार पोंछे और स्किन को साफ रखें। अगर पसीना ज्यादा आता है, तो टैल्कम पाउडर का इस्तेमाल करें।
* सूती कपड़े पहनें: सूती कपड़े स्किन पर कम दबाव डालते हैं और घर्षण से बचाते हैं।
* त्वचा की देखभाल: अगर स्किन पर जलन या खुजली हो तो उसे सही समय पर इलाज करवाएं।
* डॉक्टर से जांच: अगर पेटीकोट के एरिया में किसी प्रकार का अस्वाभाविक बदलाव दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।


अगर पेटीकोट कैंसर का समय पर इलाज किया जाए तो इसका इलाज संभव है। सर्जरी, कीमोथेरेपी, और रेडिएशन थेरेपी से इसे ठीक किया जा सकता है।

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