व्हाट्सएप कॉल के जरिए अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर गंदा खेल खेलता था 'राहुल शर्मा'...दिल्ली पुलिस ने किया भंडाफोड़

Edited By Anu Malhotra,Updated: 25 Feb, 2025 05:20 PM

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दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक संगठित सेक्सटॉर्शन गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 27 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी खुद को यूट्यूब का कर्मचारी बताकर लोगों को फंसाता और उनकी निजी वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठता...

नेशनल डेस्क: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक संगठित सेक्सटॉर्शन गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 27 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी खुद को यूट्यूब का कर्मचारी बताकर लोगों को फंसाता और उनकी निजी वीडियो सोशल मीडिया पर डालने की धमकी देकर लाखों रुपये ऐंठता था। आरोपी, जिसका असली नाम शाहिद है, फर्जी पहचान "राहुल शर्मा" के नाम से इस्तेमाल करता था और साइबर ठगी को अंजाम देता था।

कैसे चल रहा था यह रैकेट?

क्राइम ब्रांच के अनुसार, शाहिद यूट्यूब का कर्मचारी या दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर बनकर लोगों को ब्लैकमेल करता था। वह व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए पीड़ितों की निजी वीडियो रिकॉर्ड कर लेता और फिर उन्हें धमकाता था। इस गिरोह ने सैकड़ों लोगों को निशाना बनाया और करोड़ों रुपये वसूले।

गिरफ्तारी और जांच

शाहिद के खिलाफ दिल्ली क्राइम ब्रांच थाने में FIR (संख्या 281/2022) दर्ज थी, जिसमें IPC की धारा 384 (उगाही), 419 (प्रतिरूपण), 420 (धोखाधड़ी) और 120-B (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया था। उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी था।

जांच में पता चला कि नवंबर 2022 में एक पीड़ित को “यूट्यूब कर्मचारी राहुल शर्मा” के नाम से फोन आया। आरोपी ने दावा किया कि उसके पास पीड़ित की आपत्तिजनक वीडियो है और उसे सोशल मीडिया पर डालने से बचाने के लिए पैसों की मांग की। डर के कारण पीड़ित ने पहले 3.61 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए, लेकिन लगातार धमकियों के कारण उसे कुल 25 लाख रुपये देने पड़े।

अपराधी तक कैसे पहुंची पुलिस?

दिल्ली पुलिस ने आरोपी को पकड़ने के लिए हरियाणा के नूंह और राजस्थान के भरतपुर में कई छापेमारी की। टेक्निकल सर्विलांस के जरिए आरोपी की लोकेशन हरियाणा के यमुनानगर में पाई गई। पुलिस टीम ने वहां छापा मारकर उसे गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

गिरोह से कैसे जुड़ा था आरोपी?

पूछताछ में शाहिद ने बताया कि वह हरियाणा के नूंह में तीसरी कक्षा तक पढ़ा था और एक किसान के रूप में काम करता था।  2009 में उसकी शादी हुई और अब उसके पांच बच्चे हैं। 2022 में वह वसीम नामक व्यक्ति के संपर्क में आया, जो जयपुर के कन्नौर का रहने वाला था और माजिद के नेतृत्व वाले सेक्सटॉर्शन गिरोह से जुड़ा था। पैसे की लालच में शाहिद भी इस अपराध में शामिल हो गया।

ब्लैकमेलिंग के लिए बदलता था पहचान

  • कभी "यूट्यूब से राहुल शर्मा" बनकर लोगों को धमकाता।
  • कभी "दिल्ली पुलिस इंस्पेक्टर सुरेंद्र कुमार" के नाम से लोगों को डराता।
  • साइबर ठगी के जरिए सैकड़ों लोगों से मोटी रकम ऐंठी।

सेक्सटॉर्शन कैसे काम करता है?

यह अपराधी व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए लोगों की आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लेते हैं। फिर वे सोशल मीडिया कंपनी का कर्मचारी या पुलिस अधिकारी बनकर पीड़ितों को ब्लैकमेल करते हैं। डर के कारण कई लोग लाखों रुपये तक दे देते हैं। दिल्ली पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश कर रही है और जांच जारी है।

 

 

 

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