Edited By Mahima,Updated: 21 Feb, 2025 09:47 AM

टीम इंडिया ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में बांग्लादेश को 6 विकेट से हराया, लेकिन इस जीत के बावजूद भारतीय टीम को गेंदबाजी विभाग में कुछ चिंताएं हैं। दुबई की पिच पर पेस बॉलर्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, जबकि स्पिनर्स को कोई खास सफलता नहीं मिली। पाकिस्तान...
नेशनल डेस्क: टीम इंडिया ने 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी में शानदार शुरुआत की और अपने पहले मैच में बांग्लादेश को 6 विकेट से हराकर जीत दर्ज की। यह भारतीय टीम के लिए खुशी का मौका था, लेकिन इस जीत के बावजूद कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं, जिन्हें नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता। हालांकि भारतीय टीम ने जीत हासिल की, लेकिन कुछ कमजोरियों ने टीम की चिंता बढ़ा दी है।
रवींद्र जडेजा ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच में...
भारतीय टीम में इस बार कुल 5 स्पिनर्स शामिल हैं, जिनमें अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, और रवींद्र जडेजा ने बांग्लादेश के खिलाफ मैच में गेंदबाजी की। दुबई की पिच को लेकर यह अनुमान था कि स्पिन गेंदबाज प्रभावी साबित हो सकते हैं। लेकिन जब मुकाबला हुआ, तो भारतीय टीम के स्पिनर्स की गेंदबाजी का प्रदर्शन औसत रहा। अक्षर पटेल ने 9 ओवर में 43 रन देकर 2 विकेट लिए। हालांकि, ये 2 विकेट एक ही ओवर में आए, जबकि बाकी के 8 ओवर में वह कोई सफलता नहीं प्राप्त कर सके। रवींद्र जडेजा ने भी 9 ओवर किए, लेकिन वह किसी विकेट को हासिल करने में सफल नहीं हो सके और 37 रन दिए। कुलदीप यादव ने 10 ओवर की गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें भी कोई सफलता नहीं मिली और 43 रन खर्च किए। इस तरह से स्पिनर्स की गेंदबाजी बांग्लादेश के खिलाफ अपेक्षित प्रभाव नहीं डाल पाई।
दुबई की पिच पेस गेंदबाजों के लिए ज्यादा अनुकूल
इस बीच, भारतीय टीम के पेस बॉलर्स ने मैच में शानदार प्रदर्शन किया। मोहम्मद शमी ने 10 ओवर में 53 रन देकर 5 विकेट लिए, जबकि हर्षित राणा ने 7.4 ओवर में 3 विकेट चटकाए। हार्दिक पांड्या, जो एक ऑलराउंडर के रूप में गेंदबाजी कर रहे थे, ने 4 ओवर में 20 रन दिए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। पेसर्स ने कुल 8 विकेट लिए, जबकि स्पिनर्स के खाते में केवल 2 विकेट आए। इस आंकड़े से यह साफ हो जाता है कि दुबई की पिच पेस गेंदबाजों के लिए ज्यादा अनुकूल साबित हो रही है।
टीम इंडिया के लिए खतरे की घंटी
भारत के पास कुल 4 तेज गेंदबाज हैं – मोहम्मद शमी, हर्षित राणा, हार्दिक पांड्या और अर्शदीप सिंह। लेकिन दुबई की पिच पर अगर तेज गेंदबाजों का दबदबा बना रहा, तो भारतीय टीम को दिक्कत हो सकती है, क्योंकि उनके पास सिर्फ 4 तेज गेंदबाज ही हैं। अगर पिच पर ज्यादा मदद मिली और तेज गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण रही, तो भारतीय टीम को स्पिनर्स की कमी खल सकती है, क्योंकि उनके पास सीमित स्पिन विकल्प हैं। आने वाले मैचों में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया अपनी गेंदबाजी संयोजन को कैसे संतुलित करती है। खासतौर पर पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले मैच में पिच का व्यवहार महत्वपूर्ण होगा। पाकिस्तान की गेंदबाजी भी तेज गेंदबाजों पर आधारित है और उनके पास स्पेशलिस्ट स्पिनर के तौर पर केवल अबरार अहमद हैं। पाकिस्तान की तेज गेंदबाजी टीम इंडिया के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकती है।
भारत बनाम पाकिस्तान मैच की अहमियत
23 फरवरी को होने वाला भारत और पाकिस्तान का मुकाबला दुबई में ही खेला जाएगा। इस मैच में पिच का व्यवहार यह निर्धारित करेगा कि किस गेंदबाजी विभाग को ज्यादा मदद मिलती है। पाकिस्तान की गेंदबाजी में तेज गेंदबाजों का दबदबा है, और अगर दुबई की पिच उनके अनुकूल रही, तो भारत के लिए यह एक बड़ा सिरदर्द हो सकता है।
भारत के स्पिनर्स को भी अपनी गेंदबाजी में सुधार करने की आवश्यकता
भारत के स्पिनर्स को भी अपनी गेंदबाजी में सुधार करने की आवश्यकता होगी, ताकि वे आने वाले मैचों में प्रभावी साबित हो सकें। बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं था। वहीं, पेस गेंदबाजों को इस तरह की पिच पर अपनी ताकत का इस्तेमाल करना होगा, ताकि टीम की जीत की उम्मीदें बनी रहें। टीम इंडिया ने पहले मैच में बांग्लादेश को हराकर चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में शानदार शुरुआत की है, लेकिन पिच के व्यवहार और गेंदबाजी विभाग की कार्यक्षमता को लेकर चिंता बनी हुई है। यदि पेस बॉलर्स का दबदबा जारी रहता है, तो भारतीय टीम को अपनी गेंदबाजी संयोजन में बदलाव करना पड़ सकता है। आगामी मैचों में पिच की भूमिका पर निगाहें रहेंगी, और टीम इंडिया को अपनी रणनीतियों को अपडेट करने की जरूरत होगी।