Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 24 Feb, 2025 06:20 PM

डिजिटल दुनिया के साथ एक नई तरह की ठगी और साइबर अपराध तेजी से फैल रहे हैं। हाल ही में कानपुर के अनवरगंज क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने साइबर ठगों के नए हथकंडे को उजागर किया। ठग ने खुद को साइबर क्राइम का दरोगा बताकर एक युवती को फोन किया और...
नेशनल डेस्क: डिजिटल दुनिया के साथ एक नई तरह की ठगी और साइबर अपराध तेजी से फैल रहे हैं। हाल ही में कानपुर के अनवरगंज क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने साइबर ठगों के नए हथकंडे को उजागर किया। ठग ने खुद को साइबर क्राइम का दरोगा बताकर एक युवती को फोन किया और उसे धमकी दी कि वह मोबाइल पर पोर्न देख रही है और उसका भविष्य बर्बाद कर देगा। यह घटना 14 दिसंबर को घटित हुई थी। लेकिन युवती ने इसकी शिकायत हाल ही में फरवरी माह में करवाई, जब इसकी शिकायत पुलिस से की तो मामला पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा, जहां इस मामले की गंभीरता को समझते हुए रिपोर्ट दर्ज की गई और साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
घटनाक्रम की शुरुआत
बता दें 14 दिसंबर को एक युवती के मोबाइल पर एक फोन आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को साइबर क्राइम का दरोगा बताते हुए कहा कि युवती ने पिछले तीन महीनों से अश्लील वीडियो देखे हैं। इसके बाद उसने युवती से कहा कि उसे फोन पे या गूगल पे के जरिए पैसे भेजने होंगे, नहीं तो उसके खिलाफ हाईकोर्ट से अरेस्ट वारंट जारी कर दिया जाएगा। युवती को यह सब सुनकर घबराहट हुई और उसने जानने की कोशिश की कि यह सब क्यों हो रहा है। इसी दौरान, ठग ने उसे धमकाया और कहा कि वह अपना भविष्य बर्बाद कर देगा।
पिता को गालियाँ देने का मामला
इसके बाद ठग ने युवती को अपने पिता से बात करने के लिए कहा। जैसे ही युवती ने फोन अपने पिता को दिया, ठग ने न केवल गालियाँ दीं, बल्कि अपशब्दों का इस्तेमाल कर उनका अपमान भी किया। ठग ने चेतावनी दी कि अगर पैसे नहीं भेजे गए तो भविष्य में युवती को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। इस मानसिक अत्याचार से परेशान होकर युवती ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करने का निर्णय लिया।
पुलिस से शिकायत और कार्रवाई
युवती ने थाने में शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन जब सुनवाई नहीं हुई, तो उसने पुलिस कमिश्नर से मदद की अपील की। इसके बाद मामले की गंभीरता को समझते हुए अनवरगंज इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे ने शिकायत दर्ज की और साइबर सेल की मदद ली। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है ताकि आरोपित ठग को पकड़ा जा सके।
साइबर ठगी का बढ़ता खतरा
इस घटना से यह साफ हो जाता है कि साइबर ठगों का नेटवर्क अब और भी बढ़ता जा रहा है। वे अब सिर्फ वित्तीय ठगी तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि वे लोगों की व्यक्तिगत जिंदगी में घुसकर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का काम भी कर रहे हैं। सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पोर्नोग्राफी से संबंधित आरोप लगाना, लोगों को धमकाना, और पैसा मांगना यह ठगों का नया तरीका बन गया है।
ऐसे ठगों से बचाव कैसे करें?
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ध्यान रखें: कभी भी अजनबी कॉल्स पर विश्वास न करें। अगर कोई व्यक्ति खुद को किसी अधिकारी के रूप में पेश करता है, तो उसका सत्यापन करें।
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निजी जानकारी को सुरक्षित रखें: कभी भी अपनी व्यक्तिगत जानकारी या बैंक डिटेल्स फोन पर न साझा करें। ऑनलाइन ठगों के लिए यह सबसे आसान तरीका होता है लोगों को धोखा देने का।
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आधिकारिक संस्थानों से सत्यापन करें: अगर किसी थाने या किसी संस्थान से आपसे संपर्क किया गया है, तो उस संस्थान से सीधे संपर्क करके सत्यापन करें।
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शिकायत दर्ज करें: अगर आपको किसी साइबर ठगी का शिकार किया गया है, तो तुरंत अपने नजदीकी थाने में या साइबर सेल में रिपोर्ट दर्ज कराएं।
युवतियों को सावधान रहने की जरूरत
इस तरह की घटनाओं से युवतियों को और खासकर महिलाओं को खासतौर से सतर्क रहने की जरूरत है। साइबर ठगों के खतरनाक तरीके को पहचानने और इससे बचने के लिए अधिक से अधिक जानकारी हासिल करना जरूरी है। युवतियों को चाहिए कि वे ऐसे किसी भी अजनबी कॉल पर प्रतिक्रिया देने से पहले पूरी जानकारी लें और सावधान रहें।