Edited By Ashutosh Chaubey,Updated: 27 Mar, 2025 09:48 AM

देश के मशहूर शास्त्रीय गायक रमेश जुले को साइबर अपराधियों ने बड़ी चालाकी से ठग लिया। जालसाजों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें वीडियो कॉल पर "डिजिटल अरेस्ट" किया और करीब तीन घंटे तक उन्हें मानसिक दबाव में रखा। इस दौरान अपराधियों ने उनके बैंक...
नेशनल डेस्क: देश के मशहूर शास्त्रीय गायक रमेश जुले को साइबर अपराधियों ने बड़ी चालाकी से ठग लिया। जालसाजों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर उन्हें वीडियो कॉल पर "डिजिटल अरेस्ट" किया और करीब तीन घंटे तक उन्हें मानसिक दबाव में रखा। इस दौरान अपराधियों ने उनके बैंक खाते से 1 करोड़ 2 लाख 60 हजार रुपये निकाल लिए।
सीबीआई अधिकारी बनकर किया वीडियो कॉल
मुंबई नॉर्थ साइबर पुलिस के मुताबिक, मंगलवार (25 मार्च) को गायक रमेश जुले को एक वीडियो कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया। कॉल के दौरान बैकग्राउंड में सीबीआई का पोस्टर लगा हुआ था, जिससे मामला विश्वसनीय लगने लगा।
ड्रग्स पार्सल का बहाना बनाकर फंसाया
ठगों ने रमेश जुले को बताया कि उनके नाम से एक पार्सल आया है, जिसमें भारी मात्रा में ड्रग्स मिला है। अपराधियों ने यह दावा किया कि यह मामला गंभीर है और उन्हें "डिजिटल अरेस्ट" किया जा रहा है। जब तक रमेश जुले इस पूरी बात को समझ पाते और अपने परिवार को जानकारी देते, तब तक ठगों ने उनके खाते में रखी पूरी पूंजी उड़ा दी।
पैसे जाने के बाद हुआ फ्रॉड का एहसास
लगातार तीन घंटे तक जालसाजों से बात करने के बाद, जब उनके बैंक खाते से सारे पैसे निकल गए, तब रमेश जुले को एहसास हुआ कि यह एक साइबर फ्रॉड था। उन्होंने तुरंत इस घटना की शिकायत मुंबई नॉर्थ साइबर सेल में दर्ज कराई।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
मुंबई साइबर सेल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उस नंबर और अकाउंट की जानकारी निकाल रही है, जहां पैसे ट्रांसफर किए गए थे।
साइबर ठगी के मामलों में बढ़ोतरी
पिछले कुछ समय से देशभर में साइबर फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अपराधी नए-नए तरीकों से लोगों को फंसाकर उनकी गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। सरकार और साइबर पुलिस लगातार लोगों को सतर्क रहने के लिए जागरूक कर रही है, लेकिन इसके बावजूद कई लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं।
कैसे बचें ऐसे साइबर फ्रॉड से?
-
वीडियो कॉल पर किसी अनजान व्यक्ति की बातों में न आएं।
-
अगर कोई खुद को सरकारी अधिकारी बताए, तो उसकी जानकारी सत्यापित करें।
-
किसी भी कॉल के दबाव में आकर बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
-
अगर कोई डिजिटल अरेस्ट की बात करे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
-
बैंकिंग लेन-देन से जुड़ी हर सूचना को सतर्कता से जांचें।